पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जबरन लोगों को गायब किए जाने के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। यहां दो नाबालिगों समेत तीन लोगों को कथित तौर पर अगवा कर लापता किए जाने का मामला सामने आया है। वहीं, चार अन्य लापता लोगों के परिजनों ने भी उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आवाज उठाई है। इन घटनाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और न्याय की मांग तेज हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 27 अक्टूबर को तड़के करीब 3 बजे क्वेटा के किल्ली कंबरानी इलाके में एक 15 वर्षीय छात्र को उसके घर से कथित तौर पर उठा लिया गया। इस घटना में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के कर्मियों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है।
वहीं, एक अन्य मामले में 20 वर्षीय ब्राहिम बलूच और 15 वर्षीय एक किशोर को 1 सितंबर को पंजगुर के परोम इलाके से कथित तौर पर हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि एक सरकारी समर्थित सशस्त्र समूह ने दोनों को फ्रंटियर कोर के हवाले कर दिया।
क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर 6,404वें दिन भी प्रदर्शन
लापता लोगों की बरामदगी की मांग को लेकर वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स (VBMP) का विरोध प्रदर्शन क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर जारी है। संगठन ने अपने प्रदर्शन के 6,404वें दिन भी लापता लोगों के परिवारों की शिकायतें सुनीं और उनकी मदद के लिए आवाज उठाई।
मुहम्मद रफीक के परिवार ने बताया कि उन्हें 22 अगस्त को आवारान से कथित तौर पर गायब कर दिया गया था। वहीं, तकरी वहीद कुर्द और दाद मुहम्मद कुर्द के परिजनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 2 जून 2010 को मस्तुंग के मारो इलाके से दोनों भाइयों को हिरासत में लिया था।
परिवारों के मुताबिक, न्यायिक अधिकारियों और संबंधित आयोग के समक्ष कार्यवाही के दौरान सरकारी कर्मियों द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात स्वीकार किए जाने के बावजूद दोनों भाई अब तक लापता हैं।
पहले भी चार साल तक लापता रहा युवक
एक अन्य शिकायत में सना बलूच ने आरोप लगाया कि उनके भाई जफर बलूच को 16 अक्टूबर को क्वेटा के किरानी रोड से CTD और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। उन्होंने बताया कि जफर इससे पहले भी चार साल तक लापता रहे थे और 2018 में उन्हें रिहा किया गया था।
VBMP के अध्यक्ष नसरुल्लाह बलूच ने अधिकारियों से चारों लापता लोगों समेत अन्य सभी लापता व्यक्तियों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप हैं तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए और उसके परिवार को उसकी हिरासत तथा ठिकाने की जानकारी दी जानी चाहिए।
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