UP ELECTION 2027: उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने कमर कस ली है। चुनावी दंगल में अपने खेमे से उम्मीदवारों को जल्द उतारा जाएगा। इस बार वैसे भी बीजेपी के लिए 27 में सत्ता की चाबी को हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। आम जनता के विश्वास को कायम करने के लिए आज यूपी में नितिन नबीन चुनावी बिगुल शंखनाद करेंगे। पश्चिमी क्षेत्र के मेरठ से नितिन नवीन प्रस्तातिव दौरा कर इसकी शुरुआत करेंगे। नीतिन नवीन के बाद गृह मंत्री अमित शाह भी यूपी की आम जनता के बीच पहुंचेगे। 10 और 11 सितंबर को बीएल संतोष भी यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित दौरे के लिए पहुंचेंगे।
मीटिंग में हुई समीक्षा
प्रदेश की सत्ता में सियासी समीकरण को साधना बीजेपी का मुख्य लक्ष्य है। इस बार के चुनाव में जहां बीजेपी पूरी हुंकार भरते हुए दिखाई दे रही है। तो अन्य राजनीतिक पार्टियां भी मैदान में उतरकर अपने दांव पेंच आजमाती दिखाई दे रही है। बीते कुछ दिन पूर्व ही यूपी में बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल लखनऊ के 2 दिवसीय दौरे पर थे। बीजेपी ने चुनावी बिसात बिछाते हुए सत्ता में पासे चलने शुरु कर दिए हैं। महामंत्री संगठन धर्मपाल ने सेवा संकल्प अभियान को धरातल पर उतारने के लिए प्लानिंग मीटिंग की है। महामंत्री धर्मपाल की इस बैठक में बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारी और यूपी सरकार के मंत्री, मंत्री बेबी रानी मौर्य, मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौजूद रहे। महामंत्री धर्मपाल ने मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ समितियों के सत्यापन के अभियान की समीक्षा भी की।
2 दिनों के दौरे पर विनोद तावड़े
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े अपने 2 दिवसीय दौरे को लेकर विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी अपना होमवर्क पूरा करने में लगी हुई है। मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम भी जल्द एक मीटिंग करेंगे। जिसमें आगे की रणनिति को लेकर चर्चा की जाएगी। बीजेपी कई चीजों पर मंथन कर अपना ब्लूप्रिंट तैयार कर चुकी है। इस बार विनोद तावड़े को पार्टी ने पदाधिकारी बनाकर साल 2027 के विधानसभा चुनावों को साधने का उत्तरदायित्व सौंपा है। तावड़े प्रदेश में बीजेपी के बूथ को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि कोई भी बूथ छूटे नहीं। इसे लेकर भी तावड़े ने अलग से रुप रेखा तैयार कर ली है। बहुसंख्यक छोटी जातियों का विश्वास जीतना भी बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है।
कई योजनाओं का ऐलान क्या दिला पाएगा जीत
क्योंकि चुनाव से पूर्व अन्य पार्टी में कई नेताओं के बीच फूट भी पड़ती दिखाई दे रही है। ऐसी स्थिति में अब यह देखना भी दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी का नेता बगावत के सुर अलापकर किस पार्टी में दल बदल करता है। वहीं सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या विधानसभा 2027 में आगामी चुनावों को लेकर बीजेपी कुछ खास करने का मन बना चुकी है। सीएम योगी ने पूर्व में कई योजनाओं का ऐलान किया है। इसमें स्कूली छात्राओं से लेकर महिला और बुजुर्गों का खास ध्यान रखा गया है। बीजेपी आम जतना के सामने दावों की झड़ी लगा चुकी है और आगे भी यह काम जारी रहेगा। लेकिन देखना यह होगा कि बीजेपी क्या इस बार भी अपने वादों और दावों पर खरी उतरेगी या फिर किसी दूसरी पार्टी को आम जनता मौका देगी।
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