नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच करीब दो साल से बंद यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर शुरू करने की तैयारी हो रही है। दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों के बीच इस सप्ताह होने वाली बैठक में मैत्री एक्सप्रेस, बंधन एक्सप्रेस और मिताली एक्सप्रेस को दोबारा चलाने पर चर्चा होगी। इन ट्रेनों का संचालन 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद रोक दिया गया था। अब दोनों देशों के बीच रेल संपर्क को फिर से बहाल करने की कोशिश तेज हो गई है।

अक्टूबर तक शुरू हो सकती है ट्रेन सेवा
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के अधिकारी यात्री ट्रेन सेवाओं को दोबारा शुरू करने के तौर-तरीकों पर बातचीत करेंगे। अगर बातचीत और जरूरी मंजूरियां समय पर पूरी हो जाती हैं, तो अक्टूबर 2026 तक ट्रेन सेवाएं बहाल होने की संभावना है। हालांकि अंतिम तारीख दोनों देशों की सहमति और आवश्यक मंजूरियों के बाद ही तय होगी।

कौन-कौन सी ट्रेन फिर चलेगी?
भारत और बांग्लादेश के बीच पहले चलने वाली तीन प्रमुख यात्री सेवाओं की बहाली पर खासतौर पर चर्चा होगी।

* मैत्री एक्सप्रेस — ढाका से कोलकाता
* बंधन एक्सप्रेस — खुलना से कोलकाता
* मिताली एक्सप्रेस — ढाका से न्यू जलपाईगुड़ी

राजशाही से कोलकाता तक नई ट्रेन का प्रस्ताव
इस बैठक में सिर्फ पुरानी सेवाओं की बहाली ही मुद्दा नहीं होगी। बांग्लादेश की तरफ से राजशाही और कोलकाता के बीच नई यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। अगर इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच सीधा रेल संपर्क और मजबूत हो जाएगा।

मैत्री एक्सप्रेस के रूट में भी हो सकता है बदलाव
बातचीत में ढाका-कोलकाता मैत्री एक्सप्रेस को पद्मा ब्रिज के रास्ते चलाने का प्रस्ताव भी शामिल बताया जा रहा है। इससे बांग्लादेश के अंदर ट्रेन के मार्ग में बदलाव होगा और यात्रियों को नए रेल कॉरिडोर का लाभ मिल सकता है।

मिताली एक्सप्रेस के रेक का मेंटीनेंस शुरू
दिसंबर 2024 में, बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत और बांग्लादेश के विदेश सचिवों की ढाका में मुलाकात के बाद, मिताली एक्सप्रेस रेक लगभग पांच महीने बाद भारत लौटे। मिताली एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी और ढाका को जोड़ती है। रेक बांग्लादेशी इंजन चिलाहाटी बॉर्डर से भारत में दाखिल हुआ और बांग्लादेश लौटने से पहले हल्दीबाड़ी स्टेशन पर मिताली एक्सप्रेस के रेक छोड़ दिए। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि रेक अच्छी हालत में हैं और रोजाना उनका रखरखाव किया जा रहा है। उन्हें तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बांग्लादेश के रेल मंत्री मोहम्मद नूरुल इस्लाम सुजन ने नई दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड से वर्चुअल तरीके से 2022 में भारत-बांग्लादेश के बीच ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। मिताली एक्सप्रेस को दो साल बाद 2024 में बंद कर दिया गया था। अब दो साल बाद यह फिर चलने को तैयार है।

मालगाड़ी सेवा पहले ही हो चुकी है शुरू
दोनों देशों के बीच यात्री ट्रेन सेवा भले लंबे समय से बंद है, लेकिन मालगाड़ी सेवाएं फरवरी 2025 में दोबारा शुरू हो गई थीं। अब यात्री सेवाओं की बहाली को भारत-बांग्लादेश के बीच संपर्क को सामान्य दिशा में लाने के एक और महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलहाल निगाहें दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों की बैठक पर हैं। बैठक में सहमति बनने और जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद ही यह साफ होगा कि करीब दो साल से बंद यात्री ट्रेनें किस तारीख से फिर पटरी पर लौटेंगी।

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