Prayagraj Industrial Corridor: संगम नगरी प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र में अब औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। भारत पंप एंड कंप्रेशर लिमिटेड (BPCL) की करीब 231 एकड़ जमीन पर यूपीसीडा (UPSIDC) इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने जमीन के सुनियोजित विकास की कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना के आकार लेने के बाद पूर्वांचल के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मशीनरी से लेकर ऑटोमोबाइल तक लगेंगी इकाइयां
यूपीसीडा की योजना के तहत यहां पूर्वी उत्तर प्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विनिर्माण इकाइयों के लिए भूखंड विकसित किए जाएंगे। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में मशीनरी, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, पैकेजिंग और निर्माण सामग्री समेत कई क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी। बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ उनकी सहायक इकाइयों के विकसित होने से स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे नैनी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
10 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
इस परियोजना से स्थानीय स्तर के साथ-साथ पूर्वांचल के 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। औद्योगिक इकाइयों में तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी। इसके अलावा होटल, परिवहन, सुरक्षा, रखरखाव, खानपान और दूसरी सेवा गतिविधियों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यानी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकसित होने के साथ आसपास के छोटे कारोबार और सर्विस सेक्टर को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
PPP मॉडल से विकसित होंगी व्यावसायिक परियोजनाएं
231 एकड़ जमीन के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी ली जाएगी। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी है। इस मॉडल के तहत लग्जरी होटल, मैरिज गार्डन और अन्य व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे नैनी में औद्योगिक गतिविधियों के साथ व्यावसायिक क्षेत्र का भी विस्तार होगा।
गोल्फ कोर्स बनेगा आकर्षण का केंद्र
परियोजना की खास बात यहां गोल्फ कोर्स विकसित करने की योजना भी है। इसके बनने से नैनी में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ आधुनिक मनोरंजन सुविधाओं का भी विस्तार होगा। गोल्फ कोर्स और होटल जैसी सुविधाओं से निवेशकों और बड़े कारोबारी समूहों को आकर्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं, इन परियोजनाओं के जरिए स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार के अनुसार, जमीन के नियोजित विकास, भूखंडों के उपयोग, औद्योगिक गतिविधियों और PPP मॉडल के तहत विकसित होने वाली परियोजनाओं को लेकर शुरुआती स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है।