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परिसीमन बिल को लेकर तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय ने केंद्र के सामने रखी 4 शर्त
तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय ने यह भी साफ कर दिया है, कि महज 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सीटें 850 करना ठीक नहीं है। इसके साथ-साथ सीएम जोसेफ ने लोकसभा की 534 सीटों को फ्रिज रखने की बात भी कही है। उन्होंने परिसीमन बिल के विरोध में यह भी कहा कि केंद्र को जनसंख्या नियंत्रण पर ज्यादा ध्यान देना होगा और उसे प्रभावित तरीके से लागू करना होगा। सीएम जोसेफ विजय ने सरकार से दक्षिण राज्यों के प्रति विचार करने व जिम्मेदारी लेने की बात कही।
देश के लोकतंत्र में बड़ा बदलाव लाने के लिए परिसीमन बिल को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो चुकी है। लोकसभा की सीटों को 534 से बढ़ाकर 850 करने और महिला आरक्षण का मुद्दा इस समय गर्माया हुआ है। जहां भाजपा इस बिल को जल्द से जल्द लागू करवाने के लिए इस पर संसद में चर्चा करती दिखाई दे रही है। तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस बिल की आलोचना कर दिख रहा है। पूर्व में इस बिल के लागू होने पर कांग्रेस द्वारा विरोध किया गया था। आज तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय की तरफ से भी इस बिल का विरोध कर मोर्चा खोल दिया गया है।
परिसीमन लागू हुआ तो सरकार दक्षिण राज्यों की जिम्मेदारी तय करे
तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय ने यह भी साफ कर दिया है, कि महज 2011 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सीटें 850 करना ठीक नहीं है। इसके साथ-साथ सीएम जोसेफ ने लोकसभा की 534 सीटों को फ्रिज रखने की बात भी कही है। उन्होंने परिसीमन बिल के विरोध में यह भी कहा कि केंद्र को जनसंख्या नियंत्रण पर ज्यादा ध्यान देना होगा और उसे प्रभावित तरीके से लागू करना होगा। सीएम जोसेफ विजय ने सरकार से दक्षिण राज्यों के प्रति विचार करने व जिम्मेदारी लेने की बात कही। सीएम ने सरकार से इस बिल का विरोध करते हुए यह भी कहा कि सरकार को इस बात पर विचार करना होगा कि परिसीमन बिल से दक्षिण राज्यों को किसी भी तरह का नुकसान न हो।
महिला आरक्षण को लेकर बोले सीएम जोसेफ विजय
दरअसल परिसीमन बिल का विरोध करते हुए सीएम ने महिला आरक्षण के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार को इसे मौजूदा सीटों की संख्या 534 के मुताबिक ही लागू करना होगा। सीएम जोसेफ ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द महिला आरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना होगा। पुरूषों के मुकाबले तमिलनाडु में महिलाओं ने ज्यादा मतदान किया है। लेकिन 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले सरकार को मौजूदा 534 सीटों पर आरक्षण देना होगा। इसमें किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। महिलाओं को आरक्षण किसी रियायत ही तरह नहीं, बल्कि एक सामाजिक न्याय के मुताबिक मिलना बेहद जरूरी है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बगैर देरी के लागू करना बेहद जरूरी है।
केंद्र के समक्ष सीएम जोसेफ ने रखी 4 मांग
परिसीमन बिल का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के सामने तमिलनाडु सरकार ने अपनी 4 मांगे रखी हैं। जिसमें पहली मांग लोकसभा की 534 सीटों को फ्रिज रखना। दूसरी मांग राज्यों के बीच लोकसभा सीटों का बंटवारा मौजूदा प्रतिनिधित्व का अनुपात भी फ्रीज रखा जाए। तीसरी मांग सह कि जनसंख्या और राज्यों के बीच मौजूदा 2:2:1 को बनाकर रखा जाना जरूरी है। चौथी मांग में सीएम जोसेफ ने साल 2029 के लोकसबा चुनाव को वर्तमान लोकसभा सीटों 534 के हिसाब से ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाए।
परिसीमन बिल का विरोध क्यों?
16 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र के दौरान विधेयक 2026 लोकसभा में पेश किया गया। जिसमें लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 534 से 850 करके महिला आरक्षण कानून को लागू करना था। लेकिन इस पर 2 तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था। कांग्रेस की तरफ से इसका विरोध किया गया। साथ ही महिला आरक्षण को अलग से लागू करने पर जोर दिया गया।
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