Delhi News: दिल्ली से हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और करनाल जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत डिजाइन सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

करीब 136 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली से करनाल तक का सफर महज 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल इस दूरी को तय करने में सड़क मार्ग से करीब साढ़े तीन से चार घंटे लग जाते हैं।

दिल्ली से करनाल तक बनेंगे 17 स्टेशन
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर हरियाणा के प्रमुख शहरों सोनीपत, पानीपत और करनाल तक पहुंचेगा। करीब 136 किलोमीटर लंबे इस रूट पर कुल 17 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें से 11 स्टेशन हरियाणा में बनाए जाने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली और हरियाणा के बीच तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

एलिवेटेड ट्रैक से लेकर डिपो तक की बनेगी योजना
NCRTC ने परियोजना के लिए विस्तृत डिजाइन तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत एलिवेटेड रेल ट्रैक, स्टेशनों की संरचना, डिपो और बिजली एवं यांत्रिक व्यवस्थाओं से जुड़े डिजाइन तैयार किए जाएंगे।

इसके अलावा स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही, परिसर की व्यवस्था और ट्रेनों के संचालन से संबंधित तकनीकी जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा। कॉरिडोर के आसपास संपत्ति विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भी योजना तैयार की जाएगी।

मिट्टी की जांच और गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग की तैयारी
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए शुरुआती तकनीकी गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। इसके तहत प्रस्तावित रूट पर भू-तकनीकी जांच और मिट्टी का परीक्षण कराया जा रहा है। इससे जमीन की स्थिति और निर्माण की आवश्यकताओं का पता लगाया जाएगा।

वहीं, कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली गैस पाइपलाइन और अन्य उपयोगी सेवाओं की लाइनों को जरूरत के मुताबिक स्थानांतरित करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान आने वाली संभावित बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली मेट्रो से भी जुड़ेगा नमो भारत कॉरिडोर
इस परियोजना को दूसरे परिवहन साधनों से जोड़ने की भी योजना है। इसके तहत कश्मीरी गेट समेत प्रमुख स्थानों पर दिल्ली मेट्रो के साथ कनेक्टिविटी विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को एक परिवहन साधन से दूसरे तक पहुंचने में आसानी होगी।

चार साल में पूरा होगा डिजाइन का काम, हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत
परियोजना के डिजाइन संबंधी कार्यों के लिए चार साल की अवधि निर्धारित की गई है। कॉरिडोर विकसित होने से दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल सड़क मार्ग पर ट्रैफिक जाम और लंबी दूरी के कारण यात्रियों को काफी समय खर्च करना पड़ता है। ऐसे में नमो भारत कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली से करनाल का सफर करीब 90 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के बीच आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

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