UP News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा एक्शन लिया है। आयोग ने 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, दोनों अधिकारियों और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ पहले से दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 198 जोड़ने को कहा है।
मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी पर गिरी गाज
निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को भेजे पत्र में मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी पूर्व अनुमति के बिना दोनों अधिकारियों को दोबारा बहाल नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा, दोनों अधिकारियों की चार्जशीट आयोग को भेजने के लिए कहा गया है, ताकि उसकी आगे जांच और समीक्षा की जा सके। आयोग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को अदालत में मजबूती से आगे बढ़ाने और उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश
इस मामले में अनिल कुमार नाम के VRC कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। चुनाव आयोग ने उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानकारी मांगी है। आयोग ने पहले से दर्ज FIR में BNS की धारा 198 जोड़ने का निर्देश दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तीन दिनों के भीतर कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही, पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के पांच सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) की भूमिका का ब्योरा भी देने को कहा गया है।
पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट की होगी जांच
निर्वाचन आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीलीभीत जिले की चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) पीलीभीत से रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की टिप्पणी के साथ यह रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आयोग को भेजनी होगी।
पूरे यूपी में वोटर लिस्ट की दोबारा जांच के आदेश
पीलीभीत में कथित अनियमितताओं के बाद चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया है। इस जांच में खासतौर पर फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े डेटा की जांच की जाएगी।
आयोग के इस निर्देश से प्रदेशभर में मतदाता सूची की शुद्धता और पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। पीलीभीत का मामला अब केवल दो अधिकारियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों की समीक्षा के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।