अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने शनिवार 31, अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि  दिए जाने का मामला सामने आया है।   SGPC ने बेअंत सिंह के लिए पंजाबी में “करोड़ों सलाम भाई बेअंत सिंह” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो सकती है। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी।

शहीद भाई बेअंत सिंह के शहादत दिवस पर उन्हें करोड़ों सलाम: SGPC

इस संदर्भ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X पर अपने पोस्ट में, SGPC ने कहा, "शहीद भाई बेअंत सिंह जी के शहादत दिवस पर, हम उन्हें करोड़ों सलाम करते हैं।" इसके साथ ही एक वीडियो मैसेज में, कमेटी ने जून 1984 में श्री दरबार साहिब में भारतीय सेना के ऑपरेशन ब्लू स्टार का ज़िक्र करते हुए इसे सिख धर्म की पवित्रता और गरिमा पर हमला बताया। इस वीडियो मैसेज में कहा गया कि, "आध्यात्मिकता के केंद्र, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, और भक्ति और शक्ति के केंद्र, श्री अकाल तख्त साहिब पर, सिख धर्म की पवित्रता और गरिमा को कमज़ोर करने के लिए उस समय के शासकों ने कई हमले किए।

SGPC ने X और वीडियो पर मैसेज कर बेअंत सिंह को बताया शहीद

इसी तहत कमेटी के इस वीडियो में कहा गया कि, जून 1984 में, भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर, भारतीय सेना ने श्री दरबार साहिब पर हमला किया। इस संदर्भ मेें मिलिट्री ऑपरेशन के बाद की घटनाओं को याद करते हुए, SGPC के वीडियो मैसेज में कहा गया कि, "सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के सम्मान, गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए और इस अत्याचार के खिलाफ, भाई बेअंत सिंह, सतवंत सिंह, और भाई केहर सिंह ने बदला लेने का फैसला किया और 31 अक्टूबर 1984 को, भाई बेअंत सिंह और भाई सतवंत सिंह ने इंदिरा गांधी की हत्या कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में, भाई बेअंत सिंह शहीद हो गए।" इस घटना में इंदिरा गांधी के बॉडीगार्ड्स बेअंत सिंह को मौके पर ही सिक्योरिटी वालों ने मार डाला, जबकि सतवंत सिंह को बाद में दोषी ठहराया गया और फांसी दे दी गई।