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बांकीपुर जीत के बाद प्रशांत किशोर का भाजपा नेतृत्व को संदेश, बोले- 'बिहार को अच्छा नेतृत्व चाहिए'
प्रशांत किशोर ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बिहार के मुख्यमंत्री के चयन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि "बांकीपुर की जनता ने भाजपा नेतृत्व को संदेश दिया है कि सम्राट चौधरी की जगह बिहार के लिए बेहतर व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाए।"
पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बिहार के नेतृत्व पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग राज्य के विकास के लिए एक सक्षम और अच्छा नेतृत्व चाहते हैं।
प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के अंतर से हराया। उन्हें 64,151 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार को 44,827 वोट प्राप्त हुए।
जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने कहा, "बांकीपुर की जनता ने हम पर भरोसा जताया है। उन्होंने उम्मीद के साथ हमें जिताया है कि हम उनके अधिकारों की आवाज उठाएंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"
बिहार में रोजगार बढ़े और पलायन रुके
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बांकीपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के विकास से जुड़ा है। उन्होंने कहा, "यह चुनाव सिर्फ बांकीपुर का विधायक चुनने के लिए नहीं था। हमारा लक्ष्य है कि बिहार का विकास हो, यहां के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, रोजगार के अवसर बढ़ें और पलायन रुके।"
प्रशांत किशोर ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बिहार के मुख्यमंत्री के चयन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि "बांकीपुर की जनता ने भाजपा नेतृत्व को संदेश दिया है कि सम्राट चौधरी की जगह बिहार के लिए बेहतर व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाए।"
भाजपा नेतृत्व को संदेश
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की जनता को केवल वोट बैंक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा, "बिहार के लोगों को सिर्फ पांच किलो अनाज या जाति के नाम पर वोट देने वाली मशीन मत समझिए। अगर गुजरात जितना नहीं, तो कम से कम आधा ध्यान ही बिहार पर दीजिए।"
किशोर ने कहा कि बिहार से 40 सांसद लोकसभा पहुंचते हैं, जबकि गुजरात से 25 सांसद चुने जाते हैं। ऐसे में बिहार के लोगों को भी उद्योग, रोजगार और विकास का समान अधिकार मिलना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, "मेरा मुद्दा सम्राट चौधरी नहीं हैं। सवाल यह है कि बिहार के 13 करोड़ लोगों के भविष्य के लिए एक सक्षम नेतृत्व होना चाहिए या ऐसा व्यक्ति, जिसके आचरण और चरित्र पर ही सवाल उठते हों।"
केंद्र सरकार की प्राथमिकताएं गुजरात तक सीमित
उन्होंने कहा कि बिहार आज भी देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्यों में शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केंद्र सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताएं केवल गुजरात तक सीमित हैं। उन्होंने कहा, "गुजरात में एक लाख करोड़ रुपये की बुलेट ट्रेन बने, हमें उससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बिहार के बच्चों के भविष्य के लिए भी कुछ सोचना चाहिए।"
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यह जीत जन सुराज पार्टी की स्थापना के बाद प्रशांत किशोर की पहली चुनावी सफलता है। इससे पहले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, उपचुनाव में 34.24 प्रतिशत मतदान हुआ था।
भाजपा के लिए यह हार राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बांकीपुर सीट 1995 से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने किया और बाद में उनके पुत्र तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार पांच बार यहां से विधायक चुने गए। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी, जिसके कारण उपचुनाव कराया गया।
Written By: Pradeep Singh
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