Kanpur News: कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए करीब 6,700 एकड़ जमीन पर तीन नई सिटी विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इनमें ग्रेटर कानपुर, न्यू कानपुर सिटी और एयरो सिटी शामिल हैं। इन योजनाओं में हजारों आवासीय और व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। साथ ही स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, कन्वेंशन सेंटर और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है।

केडीए ने पिछली योजनाओं से सबक लेते हुए इस बार जमीन पर योजना उतारने से पहले डिमांड सर्वे कराने का फैसला किया है, ताकि मांग के मुताबिक ही भूखंड और आवासीय परियोजनाएं विकसित की जा सकें।

1. 5 हजार एकड़ में बसेगा ग्रेटर कानपुर
सबसे बड़ी योजना ग्रेटर कानपुर की है। इसे करीब 5,000 एकड़ में विकसित करने की तैयारी है। यह भीमसेन और आउटर रिंग रोड के बीच आने वाले कई गांवों के क्षेत्र में प्रस्तावित है। इसमें सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, पतेहुरी, गोपालपुर, गंभीरपुर, कैथा, सरनेतपुर, दुर्जनपुर और इटारा समेत आसपास के गांवों की जमीन शामिल की जा रही है। केडीए ने फिलहाल करीब 1,200 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है और इसके अधिग्रहण की तैयारी चल रही है। योजना में करीब 3,500 आवासीय भूखंड विकसित किए जाने हैं। ग्राम समाज की जमीन के साथ अन्य खाली जमीन भी चिह्नित की जा रही है।

2. न्यू कानपुर सिटी 450 एकड़ में, दीपावली पर लॉन्च की तैयारी
न्यू कानपुर सिटी को करीब 450 एकड़ में विकसित किया जाएगा। यह योजना मैनावती मार्ग से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच प्रस्तावित है। इसके लिए बेरी अकबरपुर कछार, गंगपुर चकबदा, सिंहपुर कछार, हिंदूपुर और संभरपुर गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बताया गया है कि करीब 70 फीसदी जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इस योजना में करीब 500 भूखंड विकसित किए जाएंगे। विकास कार्यों के लिए करीब 75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। केडीए की योजना इसे दीपावली के आसपास लॉन्च करने की है।

3. चकेरी एयरपोर्ट के पास बनेगी एयरो सिटी
तीसरी बड़ी योजना एयरो सिटी की है। इसे चकेरी एयरपोर्ट के पास सीवरेज फार्म, जाजमऊ (रूमा) क्षेत्र में करीब 1,251 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे का काम शुरू करने को कंपनी नियुक्त की गई है। यहां करीब 2,000 भूखंड विकसित करने की योजना है। इनमें औद्योगिक और व्यावसायिक प्लॉट भी शामिल होंगे। एयरो सिटी के विकसित होने से क्षेत्र में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।

तीनों सिटी में 6 हजार से ज्यादा भूखंड
KDA की इन तीनों योजनाओं में कुल मिलाकर करीब 6,000 भूखंड विकसित किए जाने की योजना है। इनमें करीब 30 हजार लोगों के बसने की संभावना है। इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग के लिए भी भूखंड दिए जाएंगे और फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनमें लगभग 30 हजार और लोगों के रहने की व्यवस्था हो सकती है। इन नई टाउनशिप में सिर्फ मकान और प्लॉट ही नहीं होंगे। ड्रेनेज सिस्टम, जल निकासी, पेयजल, कन्वेंशन सेंटर, होटल, नर्सिंग होम, स्कूल और कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

मैकराबर्टगंज में बनेगा 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
KDA मैकराबर्टगंज में करीब 32 हजार वर्ग मीटर जमीन पर 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी बनाने की तैयारी कर रहा है। अस्पताल के लिए जमीन का भू-परिवर्तन हो चुका है और शासन की ओर से सैद्धांतिक सहमति भी मिल गई है। जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद PPP मॉडल के तहत अस्पताल के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पुरानी योजनाओं से लिया सबक, अब पहले होगा डिमांड सर्वे
KDA की पिछली योजनाओं में मांग का आकलन किए बिना बड़ी संख्या में फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियां विकसित की गई थीं। वर्ष 2014 से 2016 के दौरान शताब्दीनगर, जवाहरपुरम, कल्याणपुर और मैनावती मार्ग में करीब 10 हजार फ्लैट बनाए गए। इनमें बड़ी संख्या में फ्लैट अब भी बिकने बाकी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा मॉल, होटल और दुकानों जैसी व्यावसायिक संपत्तियां भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इन संपत्तियों में करीब 2,000 करोड़ रुपये केडीए के फंसे होने की बात कही गई है।

अब नई योजनाओं में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्राधिकरण पहले डिमांड सर्वे कराएगा और उसके आधार पर विकास की योजना तैयार करेगा। KDA सचिव अभय पांडेय के अनुसार, ग्रेटर कानपुर, न्यू कानपुर सिटी और एयरो सिटी को धरातल पर उतारने के लिए जमीन चिह्नित करने और अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही पुरानी योजनाओं में बची आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। 

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