मुंबई: मुंबई में नवरात्रि और गरबा आयोजनों के दौरान कुछ स्थानों पर ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिनमें प्रतिभागियों से तिलक लगाने, कलावा (मौली) बांधने और गोमूत्र का छिड़काव करने जैसी धार्मिक पहचान से जुड़ी बातों का पालन करने की अपील की गई। इन पोस्टरों में तथाकथित "लव जिहाद" को लेकर भी चेतावनी दी गई थी और आयोजकों से सतर्क रहने को कहा गया।

'लव जिहाद' के खिलाफ़ संदेश पोस्टर

दरअसल, , महाराष्ट्र के मुंबई के मलाड इलाके में गरबा के एक आयोजन स्थल पर कथित 'लव जिहाद' के खिलाफ़ संदेश वाले पोस्टर दिखाई दिए हैं। यह मामला महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया आयोजनों में प्रतिभागियों की पहचान को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया। कुछ हिंदू संगठनों का कहना है कि ये कदम धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की सुरक्षा के लिए हैं, जबकि आलोचकों ने इसे भेदभावपूर्ण और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला बताया।

 सार्वजनिक आयोजनों में किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाएं

 इस मुद्दे ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है। समर्थकों का तर्क है कि आयोजकों को अपने कार्यक्रमों के नियम तय करने का अधिकार है, जबकि विरोधियों का कहना है कि सार्वजनिक सांस्कृतिक आयोजनों में किसी भी समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है।

आयोजकों ने कहा गैर-हिंदुओं के माथे पर भी तिलक लगाएं

खबरों के मुताबिक, इन पोस्टरों में आयोजकों से कहा गया है कि वे गैर-हिंदुओं के माथे पर तिलक लगाएं, उनकी कलाई पर कलावा बांधें और उन पर गोमूत्र छिड़कें। यह गरबा कार्यक्रम बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर आयोजित कर रहे हैं। यह डेवलपमेंट महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के विश्व हिंदू परिषद (VHP) की उस अपील का सपोर्ट करने के एक महीने बाद हुआ है जिसमें राज्य में नवरात्रि के इवेंट्स में मुसलमानों को आने से रोकने की बात कही गई थी। नितेश राणे ने आरोप लगाया था कि उन्हें एंट्री देने से ‘लव जिहाद’ होगा।