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आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे की राह हुई साफ, किसानों को मिले 50 करोड़ रुपये ज्यादा; अब 5 एक्सप्रेसवे वाला शहर बनेगा आगरा
88 किलोमीटर लंबे आगरा-ग्वालियर सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-719D) का रास्ता साफ हो गया है। किसानों को 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने के फैसले के बाद भूमि अधिग्रहण पर सहमति बन गई है। 4,613 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ेगा।
Agra-Gwalior Six-Lane Greenfield Expressway: उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को नया आयाम देने वाले 88 किलोमीटर लंबे आगरा-ग्वालियर सिक्सलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-719D) के निर्माण की राह अब पूरी तरह साफ हो गई है। भूमि अधिग्रहण की दर को लेकर नाराज चल रहे किसानों की मांगों को मानते हुए उनका कुल मुआवजा 50 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील के 12 गांवों के 627 किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें सर्किल रेट से अधिक मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों की नाराजगी दूर
एक्सप्रेसवे के लिए आगरा जिले में लगभग 14 किलोमीटर लंबी जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। पहले किसानों के लिए 144 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया था, जिससे असंतुष्ट किसानों ने NHAI को जमीन पर कब्जा नहीं लेने दिया था। मुआवजे से जुड़े 148 मुकदमों में से 80 से अधिक का मध्यस्थता (Arbitration) के जरिए समाधान कर लिया गया है। अब किसानों को ₹50 करोड़ अतिरिक्त जोड़कर कुल ₹195 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह ने कहा कि मध्यस्थता वाद के जरिए प्रभावित किसानों की सहमति बन गई है। किसानों को अब 50 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। भुगतान के लिए संशोधित प्रस्ताव NHAI को भेजा जा रहा है।
4,613 करोड़ रुपये की लागत और BOT मॉडल पर निर्माण
यह एक्सप्रेसवे आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर ग्वालियर के सुसेरा गांव तक बनेगा। इसे बनाने में 4,613 करोड़ की लागत आएगी. जानकारी के अनुसार इसे 30 महीनें के अंदर बनाने का लक्ष्य रखा गया था. जमीन का कब्जा न मिलने के कारण प्रोजेक्ट करीब 7 महीने देरी से चल रहा था, जिसे अब गति मिलेगी।
तीन राज्यों को जोड़ेगा
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, राजस्थान (धौलपुर) और मध्य प्रदेश (मुरैना, ग्वालियर) से होकर गुजरेगा। इससे NH-44 पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सफर का समय काफी घट जाएगा। राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव अभयारण्य से गुजरने के कारण नदी पर एक विशेष केबल-स्टेड ब्रिज बनेगा। घड़ियालों को शोर और रोशनी से बचाने के लिए ब्रिज पर नॉइज बैरियर और लाइट कटर लगाए जाएंगे। पूरे प्रोजेक्ट में 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर, 1 रेलवे ओवरब्रिज और 192 पुलिया का निर्माण किया जाएगा।
पांच एक्सप्रेसवे का शहर बनेगा 'आगरा'
इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही आगरा देश का पहला ऐसा शहर बन जाएगा, जहां से 5 एक्सप्रेसवे जुड़ेंगे.
1. यमुना एक्सप्रेसवे (आगरा-नोएडा)
2. आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे
3. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
4. आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे
5. आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे
अगले 1.5 से 2 वर्षों के भीतर इन नए एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। सड़क नेटवर्क बेहतर होने से आसपास के इलाकों में जमीनों के दाम आसमान छूने की संभावना जताई जा रही है।
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Written By Shailesh Yadav
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