भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर शॉर्ट गेंद के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हुए वैभव का विकेट एक बार फिर शॉर्ट बॉल पर गिरा। इससे पहले इंग्लैंड दौरे पर भी तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने शॉर्ट गेंदों के जरिए उन्हें परेशान किया था। लगातार अलग-अलग परिस्थितियों में एक जैसी कमजोरी सामने आने के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अब विरोधी टीमें वैभव के खिलाफ इसी रणनीति पर काम करेंगी।
सबा करीम ने बताया सुधार का रास्ता
पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम का मानना है कि आने वाले समय में लगभग हर तेज गेंदबाज वैभव की परीक्षा शॉर्ट गेंदों से लेगा। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि युवा बल्लेबाज अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर इस चुनौती से जल्द पार पा सकते हैं। करीम के अनुसार किसी भी खिलाड़ी का लंबा और सफल करियर उसकी कमजोरियों को पहचानने और उन पर लगातार काम करने की क्षमता पर निर्भर करता है।
विरोधी टीमों की रणनीति होगी बड़ी चुनौती
सबा करीम ने कहा कि आधुनिक क्रिकेट में हर टीम विपक्षी बल्लेबाज की ताकत और कमजोरी का गहराई से विश्लेषण करती है। उसी आधार पर गेंदबाजी की योजना तैयार की जाती है। ऐसे में अब असली परीक्षा वैभव सूर्यवंशी की होगी कि वह विरोधी टीमों की रणनीति को कितनी जल्दी समझकर अपने खेल में जरूरी बदलाव कर पाते हैं।
विदेशी पिचों पर बढ़ेगी मुश्किल
करीम का मानना है कि भारतीय पिचों की तुलना में विदेशी मैदानों पर अधिक उछाल मिलता है, जिससे शॉर्ट गेंदें और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं। ऐसे में बल्लेबाज के पास स्पष्ट योजना होनी चाहिए कि किस गेंद पर आक्रामक शॉट खेलना है और किसे छोड़ देना है। उन्होंने यह भी कहा कि टी20 क्रिकेट में तेजी से रन बनाने के दबाव के कारण बल्लेबाज कई बार जोखिम उठाते हैं और इसी वजह से विकेट गंवाने पड़ते हैं।
शॉट चयन पर दिया खास जोर
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में वैभव के आउट होने पर सबा करीम ने तकनीक से ज्यादा शॉट चयन को जिम्मेदार बताया। उनके मुताबिक वैभव गेंदबाज की ओर थोड़ा आगे निकल आए और वहीं से हुक शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद अपेक्षा से अधिक तेज थी, जिससे उनका शॉट सही तरीके से नहीं लग पाया। इसके अलावा लेग साइड पर पहले से दो फील्डर मौजूद थे, इसलिए उस परिस्थिति में कोई दूसरा शॉट बेहतर विकल्प हो सकता था।
तकनीक नहीं, मैच जागरूकता है अहम
सबा करीम का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी तकनीक में कोई बड़ी कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि वह मैच की परिस्थिति को बेहतर ढंग से समझें और यह तय करें कि किस शॉर्ट गेंद पर हमला करना है और किसे नियंत्रित तरीके से खेलना है। हाल के मुकाबलों में उन्होंने अपर कट जैसे नए शॉट भी खेले हैं, जो यह दिखाता है कि वह अपने खेल में लगातार सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर वैभव शॉर्ट बॉल के खिलाफ सही रणनीति विकसित करने में सफल रहते हैं, तो उनकी प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें भविष्य में भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बना सकती है।
Written By: Geeta Sharma