लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को भारत और जापान के 33 स्कूली छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोतारो नागासाकी, 13 जापानी हाईस्कूल छात्रों और लखनऊ के अलग-अलग स्कूलों के 20 भारतीय छात्रों के साथ बातचीत करते हुए सीएम योगी ने युवाओं से सीमाओं से परे मजबूत रिश्ते बनाने की अपील की।

भारत -जापान के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और जापान के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों के अगले चरण को मजबूत करने में युवा आदान-प्रदान की अहम भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और सांस्कृतिक समझ भारत-जापान संबंधों की नींव हैं। उन्होंने कहा, "हमारे सबसे मजबूत रिश्ते कक्षाओं, विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और युवा सोच के बीच बनते हैं। बच्चे एक-दूसरे की संस्कृति, मूल्यों और जीवन दृष्टिकोण को समझें, साथ सीखें और आगे बढ़ें। क्योंकि आज के बच्चे ही कल भारत-जापान साझेदारी के सबसे प्रभावी दूत होंगे।"

भारत और जापान के राजनयिक संबंध बहुत पुराने

सीएम योगी ने कहा कि अगले साल भारत और जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जापान की तकनीक, परंपरा और कार्य संस्कृति को भारत की युवा शक्ति और प्रतिभा के साथ जोड़ने से दुनिया के लिए नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।

जापान का 'इकिगाई' भारत के युवा कार्यबल के साथ जुड़ेगा

उन्होंने कहा, "आप ही भविष्य के राजदूत हैं जो भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करेंगे। जापान अपनी तकनीक, परंपरा और प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। जब जापान का 'इकिगाई', टीमवर्क और आपसी सम्मान भारत के युवा कार्यबल और प्रतिभा के साथ जुड़ेगा, तो नई वैश्विक संभावनाएं बनेंगी। आज आप छात्र हैं, कल वैज्ञानिक, कलाकार, खिलाड़ी, नीति निर्माता और वैश्विक नेता बनेंगे।"

मुख्यमंत्री ने भारत की प्राचीन अवधारणा 'वसुधैव कुटुंबकम' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के विजन का भी जिक्र किया।

उन्होंने जापानी छात्रों को उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया। सीएम योगी ने बताया कि छात्रों ने आगरा में ताजमहल देखा है और आगे वे वाराणसी व सारनाथ जाएंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या, वाराणसी और सारनाथ जैसे स्थल उत्तर प्रदेश को भारत के आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाते हैं।

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वहीं, यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी ने कहा कि भारत और जापान को मिलकर समृद्ध भविष्य के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के छात्रों से टीमवर्क की भावना के साथ आगे बढ़ने और भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपील की।