भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच 10 जुलाई को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के साथ इंग्लैंड की अनुभवी बल्लेबाज़ टैमी ब्यूमोंट (Tammy Beaumont) का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर भी समाप्त हो जाएगा। 35 वर्षीय ब्यूमोंट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है और यह मुकाबला उनके 17 वर्षों के सफर का आखिरी अध्याय होगा।

2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किया था डेब्यू

टैमी ब्यूमोंट ने वर्ष 2009 में इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने तीनों प्रारूपों में कुल 260 मैच खेलते हुए टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 12 शतक दर्ज हैं, जो लंबे समय तक इंग्लैंड की महिला टीम के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि रही।

महिला विश्व कप में टैमी का अहम रोल

साल 2017 के महिला विश्व कप में ब्यूमोंट ने इंग्लैंड की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया, उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 410 रन बनाए और अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुनी गईं।

इंग्लैंड की दोहरा शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बनीं

टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने इतिहास रचा। वर्ष 2023 की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉटिंघम में खेलते हुए उन्होंने 208 रन की शानदार पारी खेली। इसके साथ ही वह इंग्लैंड की ओर से महिला टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। ब्यूमोंट ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में शतक लगाने का भी अनोखा रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले इंग्लैंड के चुनिंदा क्रिकेटरों में उनका नाम शामिल है, जिनमें अधिकांश पुरुष खिलाड़ी रहे हैं। अपने संन्यास की घोषणा करते हुए टैमी ब्यूमोंट ने कहा कि इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा। उन्होंने कहा कि बचपन में राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का सपना देखा था और उसे पूरा करना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने यह भी खुशी जताई कि महिला क्रिकेट लगातार आगे बढ़ा है और नई पीढ़ी के कई खिलाड़ी इस खेल से प्रेरित हुए हैं। अपने संदेश में उन्होंने प्रशंसकों, परिवार, कोचों और सपोर्ट स्टाफ का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पूरे करियर में उनका साथ दिया।

 

Written By Toshi Shah