उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरक्षण के सही वर्गीकरण को लेकर बहस तेज होती जा रही है। इसी मुद्दे पर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए न सिर्फ अपनी बात रखी, बल्कि सपा नेतृत्व की नीतियों और रणनीतियों पर भी सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का तंज
अपने बयान में ओपी राजभर ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद अखिलेश यादव की बेचैनी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो राजभर समाज पहले समाजवादी पार्टी की रैलियों में केवल भीड़ बढ़ाने तक सीमित था, वही आज अपने अधिकारों और सम्मान के साथ सत्ता में भागीदारी कर रहा है। राजभर के मुताबिक, यह बदलाव सपा नेतृत्व को असहज कर रहा है।
'चक्रव्यूह खास तौर पर पिछड़े वर्गों के उद्देश्य से रचा गया'
राजभर ने अपने बयान में 'चक्रव्यूह' शब्द का इस्तेमाल करते हुए बड़ा आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें और उनके समाज को राजनीतिक रूप से रोकने के लिए एक सुनियोजित रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह चक्रव्यूह खास तौर पर पिछड़े और अति पिछड़े वर्गों को उनके अधिकारों से वंचित रखने के उद्देश्य से रचा गया है। राजभर ने यह भी दावा किया कि अगर आरक्षण का सही तरीके से वर्गीकरण कर दिया जाए, तो वास्तविक लाभार्थियों को उनका हक मिलेगा और इससे कई राजनीतिक दलों की जमीन खिसक सकती है।
श्री अखिलेश यादव जी,
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) May 3, 2026
आपकी बेचैनी अब छुपाए नहीं छुप रही है। सत्ता से दूर होने का दर्द और वापस लौटने की घटती संभावनाएं आपको अंदर से विचलित कर रही हैं। यही वजह है कि आप आज उस राजभर समाज से असहज हैं, जो कभी आपकी रैलियों में भीड़ बढ़ाने के लिए मजबूर किया जाता था, लेकिन आज अपने हक और…
अखिलेश यादव से ओपी राजभर ने की अपील
इसके साथ ही राजभर ने हाल के कुछ घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि राजभर समाज को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि वे अपने समर्थकों को संयम बरतने की सलाह दें। राजभर का कहना है कि किसी भी समाज के खिलाफ लगातार नकारात्मक माहौल और नफरत फैलाने से इस तरह की घटनाएं जन्म लेती हैं, जो सामाजिक सौहार्द के लिए ठीक नहीं हैं।
ओपी राजभर ने सपा पर लगाए गंभीर आरोप
ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में पिछड़े, अति पिछड़े और दलित वर्गों के हितों की अनदेखी की गई। उनके मुताबिक, इन वर्गों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, जबकि उनके वास्तविक विकास के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
समाज जागरूक हो चुका है: राजभर
अंत में राजभर ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अब उनका समाज जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों के लिए खड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजभर समाज अब किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और अपने हक की लड़ाई जारी रखेगा।
Written By: Geeta Sharma