आज के दौर में टेक्नोलॉजी लगातार तेजी से आगे बढ़ रही है। स्मार्ट डिवाइस अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनमें स्मार्टवॉच सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं, क्योंकि ये सिर्फ समय देखने तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि फिटनेस, हार्ट रेट, नींद और शरीर से जुड़ी कई जरूरी जानकारियां भी उपलब्ध कराती हैं। इसी कड़ी में Google ने एक नया फीचर पेश किया है, जिसका नाम Sleep Breathing Quality है। यह फीचर यूजर्स की नींद के दौरान सांस लेने के पैटर्न को मॉनिटर करने में मदद करता है। आइए जानते हैं कि यह फीचर कैसे काम करता है और इससे यूजर्स को क्या फायदा मिलेगा।
क्या है Google Sleep Breathing Quality फीचर?
Google का यह नया फीचर खासतौर पर नींद के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों को ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है। स्मार्टवॉच में मौजूद सेंसर रातभर यूजर की नींद और शरीर से जुड़े संकेतों को रिकॉर्ड करते हैं। इस दौरान वॉच ब्लड ऑक्सीजन लेवल में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को भी नोटिस करती है। इन बदलावों के आधार पर यह समझने की कोशिश की जाती है कि सोते समय यूजर की सांस लेने की प्रक्रिया सामान्य और स्थिर रही या उसमें कोई बदलाव आया।
सुबह मिलेगी पूरी रात की रिपोर्ट
इस फीचर की खास बात यह है कि यूजर को रात में किसी तरह की परेशानी नहीं होती। स्मार्टवॉच बिना नींद में खलल डाले पूरी रात का डेटा रिकॉर्ड करती रहती है। सुबह उठने के बाद यूजर को पिछली रात की नींद और सांस लेने के पैटर्न से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाती है। इसमें यह देखा जा सकता है कि नींद के दौरान सांस लेने की स्थिति कैसी रही और कितने समय तक शरीर बेहतर स्थिति में रहा। लंबे समय तक इस डेटा को देखने से यूजर अपनी नींद से जुड़े पैटर्न को बेहतर तरीके से समझ सकता है और अपनी लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव कर सकता है।
AI करेगा डेटा का विश्लेषण
Google के इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाली AI तकनीक है। स्मार्टवॉच रातभर रिकॉर्ड किए गए डेटा का विश्लेषण ऑन-डिवाइस AI की मदद से करती है। AI अलग-अलग पैटर्न को समझकर यह अनुमान लगाता है कि यूजर ने कितनी देर तक बेहतर सांस लेने वाली स्थिति में नींद ली। इसके आधार पर Sleep Breathing Quality स्कोर या रिपोर्ट तैयार की जाती है।
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क्या यह बीमारी का पता लगा सकता है?
इस फीचर के आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या स्मार्टवॉच किसी बीमारी की पहचान कर सकती है? इसका जवाब है- नहीं। Google का यह फीचर केवल हेल्थ ट्रेंड और नींद से जुड़ी जानकारी समझने में मदद करता है। इसे किसी बीमारी की जांच या मेडिकल डायग्नोसिस के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति को लगातार नींद से जुड़ी परेशानी, सांस लेने में दिक्कत या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या महसूस होती है, तो उसे सिर्फ स्मार्टवॉच के डेटा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। Google का Sleep Breathing Quality फीचर स्मार्टवॉच को और ज्यादा एडवांस बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो यूजर्स को अपनी नींद और स्वास्थ्य से जुड़े पैटर्न को समझने में मदद करेगा।
Written By Toshi Shah