Nepal Flood News: नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। भोटे कोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। बाजारों से लेकर कई जलविद्युत परियोजनाएं तक इसकी चपेट में आ गईं।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में 7 लोगों की जान गई है, जबकि 41 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के लापता होने की खबर है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

अचानक कैसे आई इतनी बड़ी बाढ़?

भोटे कोशी नदी तिब्बत से नेपाल में प्रवेश करती है। मंगलवार को अचानक इसका जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। खास बात यह है कि रसुवा के जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में उस समय बारिश नहीं हो रही थी।इसी वजह से अचानक आई बाढ़ ने लोगों को हैरान कर दिया। रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के मुताबिक, अभी बाढ़ की असली वजह साफ नहीं हुई है।आशंका है कि नदी के ऊपरी हिस्से में ग्लेशियर झील फटने (GLOF) या किसी अस्थायी प्राकृतिक बांध के टूटने से पानी का तेज बहाव नीचे की तरफ आया हो।

नदी किनारे के इलाकों में मची तबाही

बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि नदी के किनारे बसे बाजार और दूसरे इलाके इसकी चपेट में आ गए। कई जगहों पर मलबा जमा हो गया है और संपर्क भी प्रभावित हुआ है।स्थानीय निवासी अजय श्रेष्ठ ने बताया कि पानी का बहाव देखकर ऐसा लग रहा था जैसे अचानक कोई बांध टूट गया हो।प्रशासन ने त्रिशूली नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। लोगों से कहा गया है कि वे खतरे वाले क्षेत्रों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

कई Hydropower Projects को नुकसान

बाढ़ की चपेट में नेपाल के कई जलविद्युत प्रोजेक्ट भी आए हैं। इनमें चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।नदी में पानी का बहाव लगातार चिंता बढ़ा रहा है। इसके चलते नुवाकोट और धाडिंग जिलों के निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

Rescue के लिए पहुंचा हेलीकॉप्टर भी लौटा

बाढ़ के बीच तिमुरे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भेजा गया था, लेकिन उसे बिना लैंड किए वापस लौटना पड़ा।बताया गया कि बाढ़ के तेज बहाव में तिमुरे का स्थानीय हेलीपैड भी बह गया। ऐसे में हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची थी।हवाई सर्वे के दौरान तिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा बाढ़ के पानी और मलबे से ढका दिखाई दिया। राहत और बचाव टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फंसे लोगों तक पहुंचना है।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

अचानक आई बाढ़ के बाद प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता लोगों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।