ऑनलाइन अकाउंट में लॉगिन करने, फाइल खोलने या किसी डिजिटल सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए लोग अक्सर WhatsApp और Google की ऑथेंटिकेशन सुविधाओं पर भरोसा करते हैं। लेकिन साइबर अपराधी अब इन्हीं भरोसेमंद प्रक्रियाओं का फायदा उठाकर यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। Google Threat Intelligence Group (GTIG) के मुताबिक, UNC6293, UNC7005 और UNC5976 जैसे संदिग्ध रूसी साइबर जासूसी समूहों ने यूरोप और अमेरिका में अकादमिक संस्थानों, एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर, सरकारी संगठनों और थिंक टैंक्स से जुड़े लोगों को टारगेट किया है। ऐसे में समझना जरूरी है कि इन हमलों का तरीका क्या है और इनसे बचाव कैसे किया जा सकता है।
असली Google Login Page भी बन सकता है खतरे का जरिया
साइबर अपराधियों का तरीका हमेशा नकली लॉगिन पेज तैयार करना नहीं होता। UNC5976 जैसे समूह OAuth Phishing का सहारा लेकर यूजर को सीधे असली Google Login Page तक पहुंचा सकते हैं। यूजर को सब कुछ सामान्य दिखाई देता है और वह अपनी जानकारी से लॉगिन कर लेता है। इसके बाद हमलावर अपने नियंत्रण वाले Cloud Project के जरिए Authentication Token हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। इस टोकन का इस्तेमाल अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है। इसी तरह UNC7005 ने भी संदिग्ध डोमेन और Cloud Infrastructure का इस्तेमाल करके यूजर्स को वास्तविक Google OAuth पेज तक पहुंचाने की कोशिश की। लॉगिन प्रक्रिया पूरी होने के बाद Authentication Token हासिल करना हमले का अगला चरण हो सकता है।
WhatsApp Device Linking से भी रहें सावधान
WhatsApp का Device Linking फीचर भी साइबर अपराधियों के निशाने पर है। हमलावर किसी सुरक्षित कॉल, चैट या जरूरी डॉक्यूमेंट का बहाना बनाकर यूजर को एक लिंक या पेज पर भेज सकते हैं। वहां फोन नंबर डालने और QR Code या Linking Code स्कैन करने के लिए कहा जा सकता है। अगर यूजर गलती से हमलावर के डिवाइस को अपने WhatsApp अकाउंट से लिंक कर देता है, तो अटैकर अकाउंट की चैट और अन्य निजी जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकता है। कुछ हमलों में Voice Call, Encrypted Chat या File Download जैसे विकल्प दिखाकर यूजर को भरोसे में लेने की कोशिश भी की जा सकती है।
इन साइबर हमलों से खुद को कैसे रखें सुरक्षित ?
WhatsApp Two-Step Verification चालू रखें। इससे अकाउंट पर अतिरिक्त PIN की सुरक्षा जुड़ जाती है और अनधिकृत एक्सेस का जोखिम कम होता है। Passkey का इस्तेमाल करें। WhatsApp Passkey को फोन के Fingerprint, Face Unlock या Screen Lock से सुरक्षित किया जा सकता है। अनजान Device Linking Request को स्वीकार न करें। QR Code या Linking Code तभी इस्तेमाल करें जब आपको पूरी तरह पता हो कि आप किस डिवाइस को अपने अकाउंट से जोड़ रहे हैं। Verification Code कभी शेयर न करें। WhatsApp का OTP या Verification Code किसी व्यक्ति, वेबसाइट या संदिग्ध सर्विस के साथ साझा न करें। WhatsApp की Privacy Settings नियमित रूप से जांचें। Privacy Check-Up का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर अनजान कॉल को Silence करें। संदिग्ध अकाउंट या मैसेज को Block और Report भी किया जा सकता है।
Google Login से पहले लिंक और OAuth Permission की करें जांच
Google Login के लिए संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें। किसी लिंक पर क्लिक करने के बाद अगर आपको असली Google Login Page दिखाई दे, तब भी सिर्फ उसके असली दिखने से उसे सुरक्षित न मानें। OAuth Permission और Domain को ध्यान से जांचें। अगर लॉगिन या अकाउंट एक्सेस के दौरान किसी अनजान ऐप, Cloud Project या डोमेन को अनुमति देने के लिए कहा जा रहा है, तो आगे बढ़ने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें। जल्दबाजी में कोई Authentication Request स्वीकार न करें। साइबर अपराधी अक्सर जरूरी फाइल, सुरक्षित चैट, कॉल या किसी महत्वपूर्ण सर्विस का बहाना बनाकर यूजर पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव डालते हैं। ऐसे मामलों में पहले लिंक और रिक्वेस्ट की पुष्टि करें।