टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है। आज जहां लोग वायरलेस ईयरबड्स, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और स्मार्ट डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं इंटरनेट के पुराने दौर की यादें भी लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म MySpace एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इसे नए अंदाज में दोबारा पेश करने की तैयारी कर रही है।
दोबारा वापसी की तैयारी में MySpace
MySpace के मालिक और Viant Technology के सह-संस्थापक Tim Vanderhook और Chris Vanderhook की ओर से पेश की गई एक डॉक्यूमेंट्री के बाद प्लेटफॉर्म की संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि नया MySpace कब लॉन्च होगा। फिलहाल लॉन्च डेट, नए फीचर्स और इसके संभावित डिजाइन से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि नया प्लेटफॉर्म पुराने MySpace जैसा होगा या पूरी तरह नए रूप में दिखाई देगा।
Millennials के लिए क्यों खास था MySpace?
MySpace की शुरुआत 2003 में Tom Anderson और Chris DeWolfe ने की थी। कुछ ही वर्षों में यह इंटरनेट की सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों में शामिल हो गया। 2005 से 2008 के बीच इसकी लोकप्रियता अपने चरम पर थी। 2006 में अमेरिका में MySpace की वेबसाइट पर विजिट्स इतनी तेजी से बढ़े कि कुछ समय के लिए यह Google से भी ज्यादा लोकप्रिय हो गया था। उस दौर में MySpace की सबसे अलग पहचान उसका प्रोफाइल कस्टमाइजेशन था। यूजर्स अपने प्रोफाइल का बैकग्राउंड, रंग, डिजाइन और कई अन्य चीजें अपनी पसंद के मुताबिक बदल सकते थे। यही नहीं, प्रोफाइल पर पसंदीदा गाना भी लगाया जा सकता था, जो पेज खोलने पर अपने आप बजने लगता था। वीडियो और म्यूजिक को प्रोफाइल में शामिल करने की सुविधा ने इसे खास तौर पर युवाओं और कलाकारों के बीच लोकप्रिय बनाया। उस समय सोशल मीडिया पर अपनी अलग डिजिटल पहचान बनाने का यह एक नया और अनोखा तरीका था।
2013 में भी हुई थी वापसी की कोशिश
MySpace को वापस लाने की कोशिश पहले भी हो चुकी है। 2013 में प्लेटफॉर्म को नए रूप में पेश किया गया था और उसका फोकस मुख्य रूप से म्यूजिक और क्रिएटिव कंटेंट पर रखा गया था। हालांकि, यह नया संस्करण उस स्तर की लोकप्रियता हासिल नहीं कर सका जिसकी उम्मीद की जा रही थी। अब एक बार फिर इसकी संभावित वापसी ने लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। लेकिन इस बार MySpace के सामने Instagram, TikTok और YouTube जैसे बेहद मजबूत प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। ऐसे में पुराने नाम के दम पर नई पीढ़ी के यूजर्स को आकर्षित करना आसान नहीं होगा।
क्या बदलती डिजिटल आदतें MySpace के लिए बन सकती हैं मौका?
आज सोशल मीडिया का बड़ा हिस्सा एल्गोरिदम आधारित फीड, लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और अंतहीन स्क्रॉलिंग पर निर्भर है। इसके कारण कुछ यूजर्स डिजिटल थकान और ज्यादा स्क्रीन टाइम को लेकर चिंतित भी हैं। इसी वजह से ऐसे डिजिटल अनुभवों में रुचि बढ़ रही है जिनमें यूजर को अपने कंटेंट और ऑनलाइन समय पर ज्यादा नियंत्रण मिले। अगर MySpace अपनी वापसी में इसी दिशा को अपनाता है, तो उसके लिए एक नया अवसर पैदा हो सकता है। खास तौर पर ऐसा प्लेटफॉर्म, जहां यूजर अपनी प्रोफाइल को स्वतंत्र रूप से कस्टमाइज कर सके और उसे हर समय ट्रेंडिंग कंटेंट के पीछे भागने की जरूरत न हो, मौजूदा सोशल मीडिया से अलग अनुभव दे सकता है।
पुरानी यादें बन सकती हैं सबसे बड़ी ताकत
MySpace की सबसे बड़ी पूंजी उसका पुराना नाम और उससे जुड़ी यादें हो सकती हैं। Millennials के लिए यह इंटरनेट के शुरुआती सोशल मीडिया दौर की पहचान रहा है, जबकि नई पीढ़ी के लिए यह एक अलग तरह के सोशल नेटवर्किंग अनुभव का मौका बन सकता है। अगर नया MySpace प्रोफाइल कस्टमाइजेशन, म्यूजिक, क्रिएटिविटी और यूजर कंट्रोल को प्राथमिकता देता है, तो यह पुराने यूजर्स की यादों को ताजा करने के साथ-साथ उन लोगों को भी आकर्षित कर सकता है जो मौजूदा सोशल मीडिया के एल्गोरिदम और लगातार स्क्रॉलिंग से अलग अनुभव चाहते हैं। हालांकि, MySpace की वापसी वास्तव में कितनी सफल होगी, इसका फैसला उसके नाम से नहीं बल्कि उसके नए फीचर्स और यूजर्स को मिलने वाले अनुभव से होगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 2000 के दशक की यह डिजिटल याद आज के सोशल मीडिया दौर में फिर से अपनी जगह बना पाएगी।
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Written By Toshi Shah