MP Boat Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। जिसने पूरे सबको झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के लिए बता दें, बरगी बांध में गुरुवार शाम एक क्रूज नाव के पलट जाने से कई लोगों की जान चली गई। इस हादसे में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोगों के अभी भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है।

लाइफ जैकेट पहनने के बाद नहीं बच सकी जान

इस घटना की सबसे मार्मिकतस्वीर तब सामने आई जब बचाव दल को एक महिला का शव मिला, जिसकी गोद में उसका 3 साल का मासूम बच्चा था। दोनों एक-दूसरे से कसकर लिपटे हुए थे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद राहतकर्मियों की आंखें नम हो गईं। बताया जा रहा है कि मां और बच्चे दोनों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जान नहीं बचा सके।

क्या है पूरा मामला

यह हादसा उस समय हुआ जब मध्य प्रदेश पर्यटन की एक क्रूज नाव, जिसमें लगभग 40 से 45 यात्री सवार थे, अचानक आए तेज तूफान की चपेट में आ गई। लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह तट से करीब 300 मीटर दूर पलट गई। देखते ही देखते नाव पानी में समा गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

राहत और बचाव कार्य जारी है

हादसे के बाद से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है। गोताखोरों की टीम, नावों और भारी मशीनों की मदद से डूबी हुई नाव तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो लगभग 20 फीट गहराई में फंसी हुई बताई जा रही है। अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन लापता लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई है।

चश्मदीदों ने बताई भयावह घटना की पूरी कहानी

बचे हुए लोगों के बयान इस हादसे की भयावहता को और उजागर करते हैं। कई यात्रियों ने आरोप लगाया है कि नाव रवाना होने से पहले पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं की गई थी। कुछ का कहना है कि लाइफ जैकेट या तो पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थीं या फिर हादसे के बाद ही बांटी गईं। इन आरोपों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने दिया साहस का परिचय

हादसे के शुरुआती समय में स्थानीय ग्रामीणों ने साहस का परिचय देते हुए राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने तुरंत पानी में रस्सियां फेंकीं और डूबते लोगों को बाहर निकालने में मदद की। कई लोगों की जान इन ग्रामीणों की तत्परता के कारण बच पाई। नर्मदा नदी के किनारे इस समय मातम का माहौल है। लापता लोगों के परिजन चिंता और उम्मीद के बीच वहां डटे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता। यह हादसा एक बार फिर जल पर्यटन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करता है।


जबलपुर कलेक्टर ने क्या कहा?

जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने घटना पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज 5 और शव निकाले गए हैं, तलाशी जारी है। चूंकि पानी काफी गहरा है इसलिए मुझे लगता है कि यह अभियान अभी 2 घंटे और चलेगा।

 

दुर्भाग्यवश है यह घटना: स्वास्थ्य अधिकारी

जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, जिन 24 लोगों को बचाया गया है, उन्हें इलाज दिया जा रहा है। दुर्भाग्यवश इस घटना में 9 लोगों की मृत्यु हो गई है।

 

जबलपुर की घटना पर सीएम मोहन यादव ने जताया दुख

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में क्रूज़ बोट पलटने की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि मौसमी चक्रवात के कारण यह दुर्घटना घटी है, हमारे मंत्री धर्मेंद्र लोधी, राकेश सिंह, संजय दूबे, ADG, तमाम अधिकारी, NDRF, SDRF सब मौके पर पहुंचे हैं। यह दुखद हादसा है... बचाव दल काम पर लगे हैं।

Written By: Geeta Sharma