Ladakh Earthquake Today: लद्दाख के लेह जिले में गुरुवार सुबह 6:05 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 दर्ज की गई है। सुबह-सुबह आए इन झटकों से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

भूकंप से जुड़े प्रमुख बिंदु
समय: गुरुवार सुबह 06:05:15 बजे
तीव्रता: 5.5 (रिक्टर पैमाना)
केंद्र व स्थिति: 36.881° उत्तरी अक्षांश और 74.402° पूर्वी देशांतर
गहराई: जमीन से 10 किलोमीटर नीचे (कम गहराई होने के कारण झटके अधिक महसूस हुए)
प्रभावित क्षेत्र: लेह और आसपास के इलाके

लद्दाख में क्यों आते हैं बार-बार भूकंप?
लद्दाख और पूरा हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील (Seismic Zone) श्रेणी में आता है। भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली भूगर्भीय हलचल के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।

भूकंप आने पर क्या करें?
मजबूत सहारा लें: झटके महसूस होते ही किसी मजबूत टेबल, बेड या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं और सिर को हाथों से ढक लें।
खुले मैदान में जाएं: यदि आप बहुमंजिला इमारत में हैं, तो झटके रुकने के बाद तुरंत सीढ़ियों का उपयोग कर बाहर खुले स्थान पर आ जाएं।
सुरक्षित दूरी बनाएं: बाहर निकलने के बाद बिजली के खंभों, पेड़ों, बहुमंजिला इमारतों, फ्लाईओवर और तारों से दूर खड़े हों।
वाहन सुरक्षित रोकें: यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो वाहन को सड़क किनारे किसी खुली जगह पर रोककर अंदर ही बैठे रहें।

क्या न करें
लिफ्ट का उपयोग न करें: भूकंप के दौरान या तुरंत बाद ऊंची इमारतों से नीचे उतरने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
कांच व दरवाजों से दूर रहें: खिड़कियों, शीशों या दीवारों के बेहद पास खड़े न हों।
बिजली के उपकरण न छुएं: झटकों के बाद तुरंत घर के स्विच बोर्ड या बिजली के उपकरण ऑन-ऑफ न करें।
अफवाहों से बचें: भूकंप रुकने के तुरंत बाद जल्दबाजी में खिड़कियां-दरवाजे न खोलें, क्योंकि झटकों से दीवारों या फ्रेम में दरारें आ सकती हैं।

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Written by Shailesh Yadav