Jharkhand Student Protest: झारखंड में पिछले 16 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब 6 घंटे चली मैराथन बैठक में सरकार ने तीन परीक्षाएं रद्द करने और 98 फीसदी मांगें मानने का दावा किया। हालांकि, छात्र इस सहमति से संतुष्ट नहीं हैं और JSSC-CGL परीक्षा का परिणाम रद्द करने तथा मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर सोमवार को राज्य विधानसभा के घेराव पर अड़े हुए हैं।
किन मांगों पर बनी सहमति?
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी के साथ हुई बातचीत में सरकार ने आंदोलन टालने की कोशिश में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का आश्वासन दिया, सरकार 14वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स (PT) और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हो गई है। JPSC परीक्षा में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर भी सहमति जताई गई है। विवाद के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है, हालांकि छात्रों का कहना है कि महज इस्तीफों से कार्रवाई पूरी नहीं होती।
JSSC-CGL पर फंसा पेंच
तमाम आश्वासनों के बावजूद गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों का स्पष्ट रुख है कि जब तक JSSC-CGL का रिजल्ट रद्द नहीं किया जाता और पूरे मामले की CBI जांच के आदेश जारी नहीं होते, तब तक उनका प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा। छात्रों का कहना है कि सिर्फ मौखिक या कागजी आश्वासनों से आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
JPSC गड़बड़ी में CID का बड़ा खुलासा
उधर, CID की जांच में JPSC के भीतर बड़े पैमाने पर धांधली की पुष्टि हुई है, जांच एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के कर्मी मोहम्मद उस्मान द्वारा OMR सीट में फेरबदल की पुष्टि हो चुकी है।मामले में परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता गुप्ता और कर्मी सोनू कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से चार बार पूछताछ की जा चुकी है। CID अब इस्तीफा देने वाले तीनों तत्कालीन सदस्यों से भी पूछताछ करेगी, जिसमें सोमवार को डॉ. अजिता भट्टाचार्य से पूछताछ शामिल है। जांच का मुख्य केंद्र टीडीपीएल एजेंसी के चयन और 'एंड-टू-एंड वर्क ऑर्डर' आवंटन की प्रक्रिया है।
सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान
सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की अधिकांश मांगों पर उदार रुख अपनाया है, लेकिन मुख्य मांगों पर बात न बनने से छात्रों में आक्रोश कायम है। अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने सोमवार को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है, जिससे राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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Written by Shailesh Yadav