पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले राजधानी कोलकाता में गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) की रात तनावपूर्ण हालात देखने को मिले। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
दोनों दलों के समर्थक ने लगाए नारे
टीएमसी कार्यकर्ता और नेता विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर उतर आए और “जय बांग्ला” के नारे लगाने लगे। इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल परिसर में स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर पहुंच गईं। स्थिति को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दूसरी ओर, भाजपा समर्थक “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए विरोध जताते रहे।
सुबह लगभग 5:15 बजे बंद किया अंतिम स्ट्रॉन्ग रूम
इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग ने सफाई दी। आयोग के अनुसार, खुदीराम अनुशीलन केंद्र में सात वातानुकूलित स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं, जहां मतदान के बाद सभी ईवीएम सुरक्षित रखी गई हैं। इन स्ट्रॉन्ग रूम को 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों, उनके एजेंटों और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सील किया गया था। अंतिम स्ट्रॉन्ग रूम 30 अप्रैल की सुबह लगभग 5:15 बजे बंद किया गया।
ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित- चुनाव आयोग
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम और ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और सीलबंद हैं। पोस्टल बैलेट को लेकर उठे सवालों पर आयोग ने बताया कि इनके लिए अलग स्ट्रॉन्ग रूम की व्यवस्था है, जहां मतदान कर्मियों और ईटीबीपीएस के माध्यम से प्राप्त मतों को विधानसभा क्षेत्रवार सुरक्षित रखा गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए
चुनाव आयोग ने कही ये बात
आयोग के मुताबिक, पोस्टल बैलेट का वर्गीकरण निर्धारित नियमों के तहत शाम 4 बजे से शुरू किया गया था और इस प्रक्रिया के दौरान सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया गया। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी यह प्रक्रिया दिखाई गई।
दूसरे चरण के मतदान के बाद हिंसा तेज
वहीं, दूसरे चरण के मतदान के बाद सामने आई हिंसा की घटनाओं पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त न किया जाए और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपद्रवियों को उसी रात तक गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि मतगणना और उसके बाद की प्रक्रिया तक सुरक्षा में कोई ढिलाई न बरती जाए, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
Written By Toshi Shah