नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के मामले में भारत ने पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। जम्मू की विशेष NIA अदालत अब हाफिज सईद को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजेगी। यह समन विदेश मंत्रालय के जरिए कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान भेजा जाएगा।

NIA ने हाफिज सईद को बनाया आरोपी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जुलाई 2026 में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी बनाया था। एजेंसी के मुताबिक, उस पर लश्कर-ए-तैयबा और उसके कथित प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े रहते हुए पहलगाम हमले की साजिश में भूमिका निभाने के आरोप हैं।

विदेश मंत्रालय के जरिए भेजा जाएगा समन
हाफिज सईद पाकिस्तान में है, इसलिए भारतीय अदालत का समन सीधे उसके पास भेजना संभव नहीं है। ऐसे में समन को विदेश मंत्रालय के जरिए कूटनीतिक चैनल से पाकिस्तान भेजे जाने की तैयारी है। कोर्ट पहले ही उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है।

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कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो क्या होगा?
अगर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी हाफिज सईद कोर्ट के सामने पेश नहीं होता है, तो आगे उसके खिलाफ गैर-मौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके लिए भारतीय न्याय व्यवस्था में तय कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

22 अप्रैल 2025 को हुआ था पहलगाम हमला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद मामले की जांच NIA को सौंपी गई। NIA की जांच में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और स्थानीय मददगारों के बीच कथित कनेक्शन सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को भी इस कथित साजिश से जोड़ा है।

यानी अब भारत की कोशिश है कि पाकिस्तान में बैठे आरोपी तक कानूनी प्रक्रिया पहुंचाई जाए और मामले में अदालत की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।