15 अगस्त सिर्फ देश की आजादी का दिन नहीं है, बल्कि अपने जीवन और सेहत पर थोड़ा ठहरकर ध्यान देने का मौका भी है। हम अक्सर स्वास्थ्य को तब प्राथमिकता देते हैं, जब कोई परेशानी सामने आ जाती है। लेकिन शरीर और मानसिक स्थिति से जुड़े कई जरूरी संकेत ऐसे हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ आसान तरीकों से समझा जा सकता है। इस स्वतंत्रता दिवस पर आप भी खुद के लिए कुछ मिनट निकालें और ये 15 आसान हेल्थ सेल्फ-चेक आजमाएं।
BMI से जानें वजन का संतुलन
बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI, लंबाई के मुकाबले शरीर के वजन का एक सामान्य आकलन है। इसे निकालने के लिए वजन को मीटर में लंबाई के वर्ग से विभाजित किया जाता है। आमतौर पर 18.5 से 24.9 के बीच BMI को सामान्य श्रेणी माना जाता है। हालांकि, यह हर व्यक्ति की पूरी स्वास्थ्य स्थिति नहीं बताता।
कमर का माप लें
शरीर में जमा अतिरिक्त पेट की चर्बी स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हो सकती है। एक मापने वाले टेप से कमर का घेराव नापकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर कमर का आकार लगातार बढ़ रहा है, तो खान-पान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।
चेक करें ब्लड प्रेशर
घर में डिजिटल BP मशीन है तो आराम की स्थिति में रक्तचाप मापा जा सकता है। एक सामान्य रक्तचाप करीब 120/80 mmHg के आसपास माना जाता है, लेकिन एक ही रीडिंग के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। बार-बार असामान्य रीडिंग आने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
ब्लड शुगर पर नजर रखें
ग्लूकोमीटर की मदद से घर पर ब्लड ग्लूकोज की जांच की जा सकती है। फास्टिंग या भोजन के बाद की रीडिंग आपके शुगर लेवल की जानकारी देती है। अगर रीडिंग लगातार ज्यादा आती है, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
आराम की स्थिति में हार्ट रेट देखें
कुछ मिनट शांत बैठने के बाद अपनी नाड़ी गिनें। अधिकांश वयस्कों में आराम की स्थिति में हार्ट रेट 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच हो सकती है। लगातार बहुत तेज या असामान्य धड़कन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें।
अपनी नींद का हिसाब लगाएं
सिर्फ कितने घंटे सोए, यह ही नहीं बल्कि नींद की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। अगर बार-बार नींद खुलती है, सोने में काफी समय लगता है या पर्याप्त नींद के बाद भी सुबह थकान रहती है, तो इसकी वजह पर ध्यान देना चाहिए।
पानी पीने की आदत जांचें
क्या आप पूरे दिन नियमित रूप से पानी पीते हैं? बहुत ज्यादा प्यास लगना, मुंह सूखना या पेशाब का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा होना शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, पानी की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है, इसलिए सिर्फ एक तय संख्या में गिलास पीना जरूरी नहीं।
मानसिक स्वास्थ्य का छोटा सा सेल्फ-चेक
खुद से पूछें-क्या पिछले कुछ समय से बिना वजह उदासी, बेचैनी, चिड़चिड़ापन या मानसिक थकान बनी हुई है? क्या रोजमर्रा के कामों में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं रही? अगर ऐसे बदलाव लगातार बने हुए हैं, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना मददगार हो सकता है।
सांस रोकने के बजाय सांस लेने की क्षमता पर दें ध्यान
सांस को जबरदस्ती लंबे समय तक रोकना फेफड़ों की सेहत जांचने का भरोसेमंद तरीका नहीं है। इसके बजाय देखें कि सामान्य चलने या हल्की गतिविधि के दौरान आपको असामान्य सांस फूलना, सीने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत तो नहीं होती। ऐसे लक्षण हों तो चिकित्सकीय सलाह लें।
शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी परखें
एक आसान स्ट्रेच के जरिए शरीर की लचक का अंदाजा लगाया जा सकता है। आराम से आगे झुककर देखें कि आप अपने पैरों या पंजों के कितने करीब पहुंच पाते हैं। इस दौरान दर्द हो तो जबरदस्ती शरीर को न खींचें।
पाचन से जुड़े संकेत पहचानें
खाने के बाद कभी-कभार गैस या पेट फूलना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर लगातार पेट दर्द, अत्यधिक ब्लोटिंग, सीने में जलन, कब्ज या दस्त जैसी समस्या बनी रहती है, तो इसे सिर्फ सामान्य गैस समझकर टालना ठीक नहीं।
आंखों की नजर का अंदाजा लें
एक-एक आंख को ढककर दूर और पास की चीजों को देखने की कोशिश करें। धुंधला दिखाई देना, लगातार आंखों पर जोर पड़ना या पढ़ने में परेशानी नजर की जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।
त्वचा, बाल और नाखूनों पर नजर डालें
त्वचा में अचानक बदलाव, नाखूनों का लगातार कमजोर होना या बालों का जरूरत से ज्यादा झड़ना कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। इन्हें देखकर सीधे किसी पोषण की कमी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए, लेकिन लगातार बदलाव होने पर डॉक्टर से चर्चा की जा सकती है।
अपना एनर्जी लेवल जांचें
दिनभर की थकान को सिर्फ व्यस्त दिनचर्या का हिस्सा मानकर नजरअंदाज न करें। पर्याप्त आराम और सामान्य दिनचर्या के बावजूद लगातार कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है, तो इसके पीछे नींद, तनाव, खान-पान या कोई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
एक्सरसाइज के बाद रिकवरी देखें
सीढ़ियां चढ़ने या हल्की कसरत के बाद शरीर को सामान्य होने में कितना समय लगता है, इस पर ध्यान दें। अगर मामूली गतिविधि के बाद भी बहुत ज्यादा सांस फूलती है, चक्कर आते हैं, सीने में दर्द होता है या धड़कन लंबे समय तक बहुत तेज रहती है, तो इसे गंभीरता से लें और चिकित्सकीय सलाह लें।
एक जरूरी बात
ये सभी सेल्फ-चेक स्वास्थ्य के शुरुआती संकेत समझने के लिए हैं, किसी बीमारी की पक्की जांच के लिए नहीं। किसी भी असामान्य रीडिंग या लगातार बने लक्षण के आधार पर खुद से बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। इस 15 अगस्त पर देश के साथ-साथ अपनी सेहत की आजादी का भी ख्याल रखें,यानी समय रहते शरीर के संकेतों को पहचानें और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाएं।
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Written By Toshi Shah