Ram Nath Kovind Book Launch: बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स' का पीएम मोदी ने विमोचन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कोविंद के जीवन संघर्ष, उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सार्वजनिक जीवन में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक महत्वपूर्ण धरोहर साबित होगी।

पीएम ने की युवाओं से पुस्तक को पढ़ने की अपील

पीएम मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद की जीवन यात्रा को उनकी अपनी लेखनी और अनुभवों के माध्यम से समझना नई पीढ़ी के लिए बेहद प्रेरणादायक होगा। उन्होंने युवाओं से इस पुस्तक को पढ़ने और कोविंद के संघर्षों से सीख लेने की अपील की।

संघर्षों से मजबूत बने रामनाथ कोविंद

प्रधानमंत्री ने कोविंद के शुरुआती जीवन का उल्लेख करते हुए उनके कठिन संघर्षों को याद किया। उन्होंने बताया कि कोविंद का जन्म कानपुर देहात के एक सामान्य परिवार में हुआ था। बचपन में उनके घर में आग लगने की एक दर्दनाक घटना हुई, जिसमें उनकी मां की मृत्यु हो गई थी। मोदी ने कहा कि इतनी कम उम्र में मां को खो देना किसी भी व्यक्ति को भीतर से तोड़ सकता था, लेकिन कोविंद ने इस दुख और कठिन परिस्थिति को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने संघर्षों से मजबूती हासिल की और आगे बढ़ते हुए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे।

युवाओं के लिए कोविंद की जीवन यात्रा प्रेरणा

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के महान समाज सुधारकों और राष्ट्रनिर्माताओं ने ऐसे देश का सपना देखा था, जहां गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले। रामनाथ कोविंद का जीवन इस सपने को साकार करने की दिशा में किए गए प्रयासों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि देश को भविष्य में रामनाथ कोविंद जैसे और युवाओं की जरूरत है, जो परेशानियों से हार न मानें और कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें।

राष्ट्रपति पद के बाद भी जारी है सेवा

प्रधानमंत्री मोदी ने रामनाथ कोविंद की कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी कोविंद ने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई है। वे 'एक देश, एक चुनाव' जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम कर रहे हैं। मोदी के अनुसार, ऐसे प्रयास लोकतंत्र को मजबूत करने और देश में नई राजनीतिक व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोविंद की सक्रियता और सेवा भावना से देशवासियों, खासकर युवाओं को सीख लेनी चाहिए।

व्यक्तिगत अनुभवों से रूबरू कराएगी आत्मकथा

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, रामनाथ कोविंद की आत्मकथा में उनके शुरुआती वर्षों से लेकर सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रपति पद तक की यात्रा का व्यक्तिगत विवरण मिलता है। पुस्तक में उनके संघर्षों, अनुभवों, सफलताओं और उन परिस्थितियों का उल्लेख है, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और लोकसेवा की सोच को आकार दिया।

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पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक देश की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी और भारतीय लोकतंत्र तथा समाज की यात्रा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने रामनाथ कोविंद को आत्मकथा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके जीवन के अनुभव लंबे समय तक लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

 Written By: Geeta Sharma