Education News : देश में अगर आप भी UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। आईपीएस और आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखने वाले लोगों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से पहले इसके एग्जाम पैटर्न को समझना बेहद जरूरी है। जिससे आपकी मेहनत रंग लाएगी और जो अधिकारी बनने का सपना आपने देखा है उसे भी आप पूरा कर पाएंगे। ज्यादातर अभ्यर्थियों में मन में पहला सवाल यही होता है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की पूरी तैयारी करने के लिए क्या करना जरूरी है। इस परीक्षा में अभ्यर्थी को कुल कितने पेपर देने हैं? कुछ अभ्यर्थियों का सवाल होता है कि क्या सभी पेपर्स के नंबर फाइनल मेरिट लिस्ट में शामिल किए जाते हैं या पासिंग मार्क्स ही इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हैं?

मेंस में देने है अभ्यर्थियों को कुल 9 पेपर

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा को कुल 3 चरण होते हैं। इसमें प्रीलिम्स, मेंस और पर्सनैलिटी टेस्ट यानी इंटरव्यू होता है। लिखित परीक्षा की बात करें तो प्रीलिम्स और मेंस मिलाकर अभ्यर्थी को कुल 11 पेपर देने की प्रक्रिया है। प्रीलिम्स में ऑब्जेक्टिव टाइप मतलब एमसीक्यू आधारित 2 पेपर होते हैं, मेंस में लिखित उत्तर देने होते है, मेंस में अभ्यर्थियों को कुल 9 पेपर देने होते हैं। यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू करने से पूर्व आज हम अभ्यर्थियों हर पेपर के हर एक स्टेज को बारिकी से समझाएंगे। जिसके आपकी तैयारियों को सफल उड़ान मिलेगी और आप अपने पहले ही अटेंप्ट में एक सफल अधिकारी के पद पर नियुक्त हो पाएंगे।

स्टेज बाए स्टेप आपको बताते हैं आईएएस, आईपीएस अधिकारी बनने का पूरा तरीका

क्योंकि परीक्षाएं देना भी किसी इंसान के लिए एक बड़ी परीक्षा है। इसलिए यूपीएससी सीएसई परीक्षा के तरीके को सबसे पहले समझना होगा। जिससे अभ्यर्थी कहीं पर भी चूक ना पर पाए। क्योंकि गलती की गुंजाइश ही नहीं होगी तो परीक्षा को देना भी आसान होगा। तो चलिए हम स्टेज बाए स्टेप आपको बताते हैं आईएएस, आईपीएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी सीएसई परीक्षा का पूरा तरीका क्या है?

स्टेज 1: प्रीलिम्स परीक्षा – पहली सीढ़ी के 2 पेपर

यूपीएससी परीक्षा का पहला चरण यानी प्रीलिम्स से शुरू होता है। इसमें चरण में एक दिन के अंदर ही अभ्यर्थियों को 2 पेपर देने होते हैं। यह दोनों ही पेपर ऑब्जेक्टिव (एमसीक्यू) टाइप के होते हैं।

पेपर-1 (जनरल स्टडीज / जीएस) का होता है। इसमें अभ्यर्थियों से 100 सवाल पूछे जाते हैं। यह 100 सवाल 200 नंबर के होते हैं। इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था और करंट अफेयर्स जैसे विषय इसमें जुड़े होते हैं। मेंस में पहुंचने के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ इसी के आधार पर बनाई जाती है।

पेपर-2 (सीसेट ) का होता है। अभ्यर्थियों के लिए इस पेपर में मैथ्स, रीजनिंग और कॉम्प्रिहेंशन के 80 सवाल शामिल किए जाते हैं। यह पेपर 200 नंबर का होता है। अभ्यर्थियों के लिए यह केवल क्वॉलिफाइंग पेपर होता है। यानी इसमें अभ्यर्थियों को 33% मतलब 66 नंबर लाने अनिवार्य हैं।

स्टेज 2 मेंस परीक्षा इसमें अभ्यर्थियों को देने होते है 9 पेपर

अब हम बात करते है परीक्षा के दूसरे चरण यानी मेंस परीक्षा की। मेंस में अभ्यर्थियों को 9 डिस्क्रिप्टिव पेपर देने होते हैं। प्रीलिम्स पास करने वाले अभ्यर्थी मेंस परीक्षा में बैठते हैं. इसमें उत्तर विस्तार से लिखने होते हैं. यूपीएससी मेंस परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं।

अभ्यर्थियों में क्वॉलिफाइंग भाषा के 2 पेपर देने होते है।
पेपर ए: कोई भी एक भारतीय भाषा (जैसे हिंदी) होता है।
पेपर बी: अंग्रेजी भाषा का होता है।
अभ्यर्थियों के लिए यह दोनों पेपर 300-300 अंक के होते हैं। इसमें केवल 25% नंबर लाना अभ्यर्थी के लिए जरूरी होता है। इनके नंबर फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते। लेकिन अगले चरण में जाने के लिए पेपर देना बेहद जरूरी होता है।

दो भाषा पेपर देने के बाद अभ्यर्थियों को मेरिट वाले अन्य 7 पेपर देने होते हैं, इसमें 250 अंक का एक पेपर होता है।

इसके अंतर्गत निबंध होता है : इसमें अभ्यर्थियों को दिए गए विषयों पर 2 निबंध लिखने अनिवार्य हैं।
जीएस पेपर 1: भारतीय संस्कृति, इतिहास, भूगोल और समाज से जुड़ा होता है।
जीएस पेपर 2: संविधान, शासन व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय संबंध से जुड़ा होता है।
जीएस पेपर 3: इकोनॉमी, साइंस-टेक्नोलॉजी, पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़ा होता है।
जीएस पेपर 4: नीतिशास्त्र, इनटीग्रेटी और एपटीट्यूड से जुड़ा होता है।
ऑप्शनल विषय: इसके लिए एक विषय चुनना होता है, जिसमें अभ्यर्थियों को 2 पेपर (ऑप्शनल पेपर 1 और पेपर 2) देना होता है।


स्टेज 3 में अभ्यर्थियों के लिए सबसे अहम चरण यूपीएससी पर्सनैलिटी टेस्ट (साक्षात्कार)

यूपीएससी मेंस में अभ्यर्थी कुल 7 मेरिट पेपर्स देते हैं। जो 1750 अंकों के होते हैं। मेंस की मेरिट क्लियर करने के बाद अंतिम पड़ाव इंटरव्यू राउंड के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है। इंटरव्यू राउंड 275 अंकों का होता है। पहले चरणों में हुई 7 परीक्षाओं के अंतर्गत जहां इंसान के ज्ञान की परीक्षा होती है, तो इंटरव्यू राउंस में पर्सनैलिटी, आपकी सोच और आपके निर्णय लेने की काबिलियत को बारिकी से परखा जाता है. इसके अंतर्गत अधिकारियों का एक पैनल होता है। जो खुद भी इसी परीक्षा को देने के बाद अधिकारी बने थे। अधिकारियों का पैनल किसी भी अभ्यर्थी से कहीं से भी कुछ भी प्रश्चन पूछ सकता है। इंटरव्यू के सवाल आपके आउटफिट, हॉबी से लेकर होमटाउन तक कहीं से भी जुड़े हो सकते हैं। ज्यादातर एक्सपर्ट इसके सवाल बनाने के लिए अभ्यर्थी का डीएएफ फॉर्म चेक करते हैं।

समझिए पूरा गणित

अब हम आपको परीक्षा के फाइनल सिलेक्शन का गणित समझाते हैं इसमें पहली 7 परीक्षाओं के अंक 1750 + इंटरव्यू के अंक 275 = 2025 अंक शामिल किए गए। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए कुल 11 लिखित पेपर्स होते हैं। (2 प्रीलिम्स + 9 मेंस). किसी भी अभ्यर्थी की फाइनल रैंक और सर्विस का फैसला केवल मेंस के 7 पेपर्स (1750 मार्क्स) और इंटरव्यू (275 मार्क्स) यानी कुल 2025 अंकों में मिले नंबरों के आधार पर होता है। सर्विस के लिए अभ्यर्थी को अपनी प्राथमिकता लिस्ट के आधार पर अपनी चॉइस भरनी की स्वतंत्रता होती है।

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