पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर विवादों में घिर गया है। टीम के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज को डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि उनके सैंपल में ऐसा कोई पदार्थ नहीं मिला जिसे प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवा माना जाता हो। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने डोपिंग रोधी नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 महीने के निलंबन की घोषणा की है। इस मामले में सबसे बड़ू बात ये है कि नवाज द्वारा एक निश्चित अवधि के दौरान किए गए सभी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को उनके आधिकारिक रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।

टी20 विश्व कप के दौरान लिया गया था डोप टेस्ट

यह मामला फरवरी 2026 में खेले गए आईसीसी टी20 विश्व कप के दौरान सामने आया। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच मुकाबले के बाद मोहम्मद नवाज का डोप टेस्ट किया गया था। जांच रिपोर्ट में उनके सैंपल में Carboxy-THC पाया गया, जो कैनबिस से जुड़ा एक प्रतिबंधित मेटाबोलाइट माना जाता है और प्रतियोगिता के दौरान प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल है।

रिपोर्ट सामने आने के बाद मोहम्मद नवाज ने नियमों के उल्लंघन की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पदार्थ का सेवन उन्होंने अपने खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नहीं किया था, बल्कि यह प्रतियोगिता के बाहर का मामला था। इसी आधार पर मामले को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवा के इस्तेमाल से अलग माना गया।

सजा घटकर एक महीने की हुई

आईसीसी ने शुरुआत में मोहम्मद नवाज पर तीन महीने का प्रतिबंध लगाया, जिसे 1 मई 2026 से प्रभावी माना गया। हालांकि नवाज ने इस दौरान नशा मुक्ति और पुनर्वास (Rehabilitation) कार्यक्रम पूरा किया। आईसीसी के डोपिंग रोधी नियमों के तहत यदि खिलाड़ी स्वीकृत पुनर्वास कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करता है तो उसकी सजा में कमी की जा सकती है।

इसी प्रावधान का लाभ मिलने के बाद उनकी प्रभावी सजा केवल एक महीने की रह गई। चूंकि प्रतिबंध की अवधि 1 मई से लागू मानी गई थी और तब से काफी समय बीत चुका है, इसलिए अब उनका निलंबन समाप्त हो चुका है। इसका मतलब है कि मोहम्मद नवाज आगे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में वापसी करने के लिए पात्र होंगे।

रिकॉर्ड बुक से हटेगा तीन महीने का प्रदर्शन

इस पूरे मामले का सबसे असाधारण पहलू यह है कि 7 फरवरी 2026 से 1 मई 2026 के बीच मोहम्मद नवाज द्वारा खेले गए सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों का व्यक्तिगत प्रदर्शन उनके आधिकारिक रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।

इस अवधि में नवाज ने कुल 7 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 15 रन बनाए, सात विकेट लिए और चार कैच भी लपके। अब ये सभी आंकड़े उनके व्यक्तिगत करियर रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं रहेंगे। हालांकि मैचों के आधिकारिक नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

क्रिकेट इतिहास में दुर्लभ फैसला

क्रिकेट में डोपिंग के मामलों में खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगना नई बात नहीं है, लेकिन किसी खिलाड़ी के व्यक्तिगत अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों को रिकॉर्ड बुक से हटाना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। यही वजह है कि मोहम्मद नवाज का मामला क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

यह फैसला खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन, चाहे वह प्रदर्शन बढ़ाने के उद्देश्य से न भी किया गया हो, गंभीर परिणाम ला सकता है। आईसीसी का यह कदम खेल की निष्पक्षता और डोपिंग के प्रति उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को भी दर्शाता है।

Written By: Geeta Sharma