Nepal Flood Update: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी इलाकों में आपदा की तैयारी और समय पर चेतावनी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही हुई। इस बीच दावा किया जा रहा है कि तिब्बत के केरुंग इलाके में बाढ़ आने के बावजूद नेपाल को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
अगर चेतावनी पहले मिल जाती, तो क्या लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा सकता था? यही सवाल अब नेपाल में चर्चा का विषय बना हुआ है।
तिब्बत में पहले आई बाढ़, नेपाल को कब मिली जानकारी?
चीनी मीडिया में प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, तिब्बत के केरुंग काउंटी में स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 10:30 बजे बाढ़ की स्थिति बनी थी। यह इलाका नेपाल के रसुवा से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।नेपाल और चीन के स्थानीय समय में अंतर को देखते हुए नेपाल के समय के हिसाब से यह घटना सुबह करीब 8:15 बजे की बनती है। नेपाली सूत्रों का दावा है कि नेपाल को इसकी जानकारी करीब 9 बजे के आसपास मिली।यही करीब 45 मिनट का अंतर अब सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
क्या चीन ने नेपाल को आधिकारिक चेतावनी नहीं दी?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की तरफ से नेपाल को बाढ़ की कोई आधिकारिक पूर्व चेतावनी नहीं दी गई। हालांकि, इस दावे की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए दोनों देशों के आधिकारिक बयानों और आपदा संबंधी रिकॉर्ड की पुष्टि जरूरी है।फिर भी सवाल गंभीर है। अगर सीमा के उस पार किसी नदी या जलस्रोत में अचानक पानी बढ़ रहा था और इसकी जानकारी पहले से उपलब्ध थी, तो क्या नेपाल को समय रहते अलर्ट किया जा सकता था?आपदा विशेषज्ञों के लिए कुछ मिनट भी महत्वपूर्ण होते हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में जहां बाढ़ का पानी बेहद तेजी से नीचे की ओर आता है।
नेपाल में क्यों उठ रहे हैं चीन पर सवाल?
इस मामले के सामने आने के बाद नेपाल में चीन की भूमिका को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने भी सोशल मीडिया पर समय पर चेतावनी नहीं मिलने को लेकर चिंता जताई।उनका सवाल मूल रूप से यही है कि नेपाल लगातार अपने पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताओं को महत्व देता रहा है, तो प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में उसे समय पर जानकारी क्यों नहीं मिली।
सिर्फ बाढ़ नहीं, भूकंप और हिमस्खलन की बात भी सामने आई
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने प्रतिनिधि सभा में घटना को लेकर जानकारी दी। उनके मुताबिक, रसुवा में आपदा की स्थिति भूकंप के साथ आए हिमस्खलन से जुड़ी हो सकती है और इसकी पुष्टि की जा रही है।उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ने से रसुवा और नुवाकोट के कई इलाकों में असर पड़ा। तिमुरे, स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, त्रिशूली बत्तर और देवीघाट जैसे क्षेत्रों में भारी नुकसान की जानकारी सामने आई है।इससे साफ है कि आपदा की वास्तविक वजह को लेकर अभी कई पहलुओं की जांच जरूरी है।
दर्जनों सुरक्षाकर्मी भी लापता
बाढ़ की चपेट में आने के बाद रसुवा के तिमुरे इलाके में नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 32 जवानों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।दूसरी तरफ, प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। लेकिन चुनौती यह है कि बाढ़ ने कई जगहों पर सड़क, संचार और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है।
खराब मौसम ने बचाव अभियान को और मुश्किल बनाया
नेपाल ने राहत और बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टरों को लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 12 हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिनमें नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित इलाकों के लिए कई सैन्य और निजी हेलीकॉप्टर उड़ान भर चुके हैं। कुछ हेलीकॉप्टर घायलों को लेकर वापस भी लौटे हैं।लेकिन खराब मौसम लगातार परेशानी बढ़ा रहा है। राहत सामग्री लेकर जाने वाले कुछ हेलीकॉप्टरों को मौसम खराब होने के कारण वापस लौटना पड़ा। ऐसे में दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
45 मिनट की देरी पर अब क्यों मचा है बवाल?
सबसे अहम सवाल यही है कि अगर तिब्बत में बाढ़ की स्थिति नेपाल के समय के हिसाब से करीब 8:15 बजे बन गई थी और नेपाल को करीब 9 बजे जानकारी मिली, तो क्या इस दौरान लोगों को चेतावनी देने का पर्याप्त मौका था?इसका जवाब अभी निश्चित तौर पर नहीं दिया जा सकता। बाढ़ कितनी तेजी से नेपाल की तरफ बढ़ी, स्थानीय चेतावनी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी और दोनों देशों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया क्या थी,इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पता चलेगा कि कथित 45 मिनट की देरी ने वास्तव में कितना असर डाला।फिलहाल इतना जरूर है कि इस घटना ने हिमालयी क्षेत्र में सीमा पार आपदा चेतावनी और रियल-टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।