Nepal Flood Current Situation: नेपाल के उत्तरी हिस्से में स्थित रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई पुल और मकान बह गए, जबकि सड़क और बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस आपदा में अब तक 16 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक 105 भारतीयों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के हिमालयी इलाकों में देखने को मिला है। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने के बाद हालात तेजी से बिगड़े। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नदी का पानी बेहद तेज रफ्तार से पहाड़ी इलाकों और बस्तियों की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है।सबसे हैरानी की बात यह है कि प्रभावित इलाकों में उस समय भारी बारिश की जानकारी नहीं थी। इसी वजह से अचानक आई बाढ़ के पीछे हिमालय के ऊपरी हिस्से में ग्लेशियर झील फटने यानी GLOF या बर्फ पिघलने जैसी प्राकृतिक घटना की आशंका जताई जा रही है।
तिब्बत से इस बाढ़ का क्या कनेक्शन?
नेपाल के अधिकारियों और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी चीन के तिब्बत क्षेत्र की तरफ से आया हो सकता है। यही पानी नेपाल की तरफ पहुंचने के बाद बेहद खतरनाक बाढ़ में बदल गया।हिमालयी इलाकों में ग्लेशियर झील के अचानक टूटने या भारी मात्रा में बर्फ पिघलने पर थोड़े समय में नदी का जलस्तर कई गुना बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में नीचे की ओर बसे इलाकों को संभलने का पर्याप्त समय भी नहीं मिल पाता।हालांकि, बाढ़ की वास्तविक वजह की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच और तकनीकी आकलन जरूरी है। फिलहाल GLOF या ऊपरी हिमालयी क्षेत्र में पानी बढ़ने की आशंका को संभावित कारणों के तौर पर देखा जा रहा है।
105 भारतीयों समेत सैकड़ों यात्री लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय बताए गए हैं।इसके अलावा रसुवा जिले में नेपाल पुलिस के 26 जवानों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। आर्म्ड पुलिस फोर्स के भी सात जवानों के लापता होने की बात कही गई है।रेस्क्यू एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रही हैं।
सड़कें और बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित
बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई सड़कें और हाईवे बंद हो गए हैं। बिजली आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ा है।नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक कई बड़ी हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली-3A, त्रिशूली-3B हब 220 kV सबस्टेशन, त्रिशूली हाइड्रोपावर स्टेशन और देवीघाट हाइड्रोपावर स्टेशन शामिल हैं।
हेलीकॉप्टरों को अलर्ट पर रखा गया
हालात को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन से जुड़ी आपात बैठक बुलाई है। सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।नेपाली सेना ने भी प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर और राहतकर्मियों को तैनात किया है। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है।
बिहार में भी अलर्ट, गंडक को लेकर चिंता
नेपाल में आई इस बाढ़ का असर भारत के बिहार तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि नेपाल से आने वाला अतिरिक्त पानी गंडक नदी के जरिए बिहार के कुछ जिलों तक पहुंच सकता है।इसी संभावना को देखते हुए बिहार के छह जिलों को अलर्ट किया गया है। NDRF की टीम को भी तैयार रखा गया है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।