लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सड़क कनेक्टिविटी के मोर्चे पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी है। प्रदेश सरकार पांच नए लिंक एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने जा रही है। इन परियोजनाओं पर करीब 18,400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किया है। सभी लिंक एक्सप्रेस-वे को करीब तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। सरकार की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव से पहले यूपी को देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाले राज्य के तौर पर पेश किया जाए। इन एक्सप्रेस-वे का फायदा पश्चिमी यूपी से लेकर बुंदेलखंड और चित्रकूट तक कई जिलों को मिलेगा।
नोएडा से बुलंदशहर और गंगा एक्सप्रेस-वे तक सीधा लिंक
पहला महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेस-वे नोएडा के सेक्टर-21, फिल्म सिटी के पास से शुरू होकर बुलंदशहर होते हुए स्याना के पास गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इसका शुरुआती पॉइंट यमुना एक्सप्रेस-वे के करीब 24.8 किलोमीटर पर होगा। यह एक्सप्रेस-वे नोएडा के करीब 8 और बुलंदशहर के 48 गांवों से होकर गुजरेगा। इसका लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा न्यू नोएडा क्षेत्र में होगा। इससे YEIDA के औद्योगिक सेक्टर 28, 29, 32 और 33 को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा और स्याना से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। एयरपोर्ट से कार्गो मूवमेंट बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही आगरा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक पहुंच भी आसान होगी। परियोजना पूरी होने के बाद बुलंदशहर से नोएडा की दूरी कार से करीब 35-40 मिनट में तय होने की उम्मीद है।
फर्रुखाबाद को मिलेगा पहली बार बड़े एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का सीधा फायदा
दूसरा लिंक एक्सप्रेस-वे इटावा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा फर्रुखाबाद को मिलने की उम्मीद है। फर्रुखाबाद अभी तक बड़े एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से सीधे नहीं जुड़ा है। लिंक एक्सप्रेस-वे बनने के बाद जिले के आलू उत्पादकों और टेक्सटाइल प्रिंटिंग उद्योग को बड़ा बाजार मिल सकेगा। तैयार माल को दिल्ली और लखनऊ जैसे बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
आगरा और दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन भी सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे पर पहुंच सकेंगे। इटावा से हरदोई का सफर करीब एक घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। फर्रुखाबाद के खिमसेपुर और आसपास के इलाकों में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की भी तैयारी है।
झांसी से दिल्ली का सफर करीब 4 घंटे
तीसरा लिंक एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। यह झांसी को सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। इसके बनने के बाद झांसी से दिल्ली का सफर करीब 4 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेस-वे झांसी और जालौन के करीब 63 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके रास्ते में गरौठा, टहरौली, मोंठ और सदर तहसील के इलाके भी आएंगे। इसका निर्माण जालौन के फूलपुरा गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से शुरू होकर झांसी के पिपरा तक प्रस्तावित है। लिंक एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र और डिफेंस कॉरिडोर से होकर गुजरेगा। इससे क्षेत्र में मौजूद औद्योगिक इकाइयों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
चित्रकूट जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आसान होगा सफर
एक अन्य लिंक एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को चित्रकूट धाम से जोड़ेगा। इससे दिल्ली-NCR, लखनऊ और आगरा से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। यह लिंक भरतकूप के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से शुरू होकर बेड़ी पुलिया-रामघाट मार्ग के रानीपुर भट्ट/अहमदगंज तक जाने का प्रस्ताव है। इसके बनने से रामघाट, कामदगिरि और मंदाकिनी नदी के घाटों तक पहुंच आसान होगी। इससे चित्रकूट में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प और लकड़ी के खिलौनों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है। दिल्ली से चित्रकूट का सफर करीब 6 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
80 से 92 फीसदी तक जमीन अधिग्रहण पूरा
पांचों लिंक एक्सप्रेस-वे पर यूपी एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) काम कर रहा है। यूपीडा के ACEO हरिप्रताप शाही के मुताबिक, भूमि खरीद की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। पांचों परियोजनाओं के लिए करीब 80 से 92 फीसदी भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। परियोजनाओं के टेंडर भी निकाले जा चुके हैं। कंपनियों को काम आवंटित होने के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा। सरकार से संकेत मिलते ही इन परियोजनाओं का शिलान्यास कराया जा सकता है।
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