Nepal Flood News: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक पानी बढ़ने से पुल, सड़कें और कई मकान बह गए। बाढ़ का असर अब भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने लगा है। नेपाल से आने वाली नदियों में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए बिहार के छह जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और NDRF-SDRF की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

नेपाल में बाढ़ से अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि और करीब 400 पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता यात्रियों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर है और लापता लोगों की संख्या की पुष्टि का काम जारी है।

तिब्बत की तरफ से आया सैलाब, नेपाल में मची तबाही
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई इलाकों में भोटेकोशी नदी का पानी अचानक उफान पर आ गया। स्थानीय स्तर पर भारी बारिश नहीं होने के बावजूद पानी का बहाव तेजी से बढ़ा, जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि ऊपरी हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) या बर्फ पिघलने जैसी घटना के कारण यह स्थिति बनी। बाढ़ के तेज बहाव में कई पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों में हेलिकॉप्टर और राहत दल तैनात किए हैं।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के मुताबिक बाढ़ से कई बड़ी हाइड्रोपावर और ट्रांसमिशन सुविधाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें रसुवागढ़ी, चिलिमे, त्रिशूली-3A, त्रिशूली-3B हब 220 KV सबस्टेशन, त्रिशूली हाइड्रोपावर स्टेशन और देवीघाट हाइड्रोपावर स्टेशन शामिल हैं। सड़क और बिजली नेटवर्क को नुकसान पहुंचने से राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें बढ़ी हैं।

बिहार के 6 जिलों में विशेष अलर्ट
नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए बिहार सरकार ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों में भी लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारियों को नदी के जलस्तर, तटबंध, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

गोपालगंज में कंट्रोल रूम, निचले इलाकों में माइकिंग
गोपालगंज में गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। कुचायकोट, गोपालगंज सदर, मांझागढ़, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर के अंचल अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। जिले के कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम भी खोला गया है।

वैशाली में SDRF की 24 घंटे तैनाती
वैशाली में नदी किनारे बसे संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। SDRF की टीम को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। टीम में 11 नाव और 34 जवान तैनात किए गए हैं। वहीं गंडक नदी के तटबंध को मजबूत करने के लिए बालू की बोरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुजफ्फरपुर में अधिकारियों की छुट्टियां रद्द
गंडक में पानी बढ़ने के खतरे को देखते हुए मुजफ्फरपुर में प्रखंड और अंचल स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

NDRF की अतिरिक्त टीमें भेजी जा रहीं
बिहार सरकार ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए NDRF और SDRF की अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। गोपालगंज में NDRF की एक टीम भेजने, मुजफ्फरपुर में एक टीम को स्टैंडबाय रखने और बेतिया में भी NDRF टीम की तैनाती सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। SSB की ओर से भी जरूरत पड़ने पर QRT और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है।

अमित शाह ने CM सम्राट चौधरी से की बात
बिहार में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से बिहार को हर संभव मदद का भरोसा दिया और जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर सभी संबंधित जिलों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने कहा- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
बिहार सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। प्रशासन का कहना है कि संभावित खतरे को देखते हुए सभी जरूरी संसाधन और बचाव दल पहले से तैयार किए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय चौधरी ने भी लोगों से सतर्क रहने लेकिन घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है। प्रशासन की नजर गंडक के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर लगातार बनी हुई है।

नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर चिंता
नेपाल में आई आपदा के बीच बड़ी संख्या में पर्यटकों के लापता होने की खबर से चिंता बढ़ गई है। कुछ रिपोर्टों में लापता यात्रियों में भारतीय नागरिकों की संख्या भी बताई गई है। नेपाल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए राहत और बचाव एजेंसियां सक्रिय हैं। इस बीच नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा का असर भारत तक पहुंचने की आशंका के चलते बिहार के गंडक नदी से जुड़े इलाकों में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। फिलहाल सबसे बड़ा फोकस नदी के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों की निगरानी पर है। 

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