मुंबई: मुंबई के बहुप्रतीक्षित गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) प्रोजेक्ट में बड़ा कामयाबी का पड़ाव हासिल हुआ है। प्रोजेक्ट के फेज-3(B) में संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बन रही जुड़वां सुरंगों में पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ने 9 मीटर खुदाई पूरी कर ली है। BMC के मुताबिक, सुरंग निर्माण शुरू होने के साथ ही परियोजना ने महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। GMLR के फेज-3(B) के तहत गोरेगांव ईस्ट स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) से मुलुंड वेस्ट के अमर नगर के बीच करीब 5.30 किलोमीटर लंबी ट्विन थ्री-लेन टनल बनाई जा रही है। इन सुरंगों की खुदाई के लिए 'तुलसी' नाम की TBM का इस्तेमाल किया जा रहा है।
17 अगस्त को शुरू हुई थी पहली TBM
पहली TBM को 17 अगस्त 2026 को शुरू किया गया था। इसके बाद मशीन ने लगातार खुदाई करते हुए अब तक 9 मीटर सुरंग तैयार कर ली है। बुधवार को BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने प्रोजेक्ट साइट का निरीक्षण किया। उन्होंने खुदाई की तकनीक, मशीन के संचालन, निर्माण की गुणवत्ता और परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।
सुरक्षा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सुरंग निर्माण की रफ्तार बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। बांगर ने कहा कि टनलिंग बेहद तकनीकी और चुनौतीपूर्ण काम है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के साथ मशीनों की कार्यक्षमता और निर्माण गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
दूसरी TBM की असेंबली 70% पूरी
प्रोजेक्ट में दूसरी TBM को तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है। BMC के मुताबिक, इसके विभिन्न हिस्सों की 70 फीसदी असेंबली पूरी हो चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दूसरी TBM की पूरी असेंबली 30 सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाए। मशीन साइट पर पूरी तरह स्थापित होने के बाद 1 अक्टूबर से Site Acceptance Test (SAT) शुरू होगा। SAT के दौरान मशीन के सुरक्षित और प्रभावी संचालन की जांच की जाएगी। इसके बाद दूसरी TBM से वास्तविक सुरंग खुदाई शुरू करने की तैयारी की जाएगी।
गोरेगांव-मुलुंड के बीच सफर होगा आसान
GMLR मुंबई के प्रमुख ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इसके पूरा होने के बाद गोरेगांव और मुलुंड के बीच सीधी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच ट्रैफिक का दबाव कम करने और यात्रा को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे बन रही ये ट्विन टनल परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। पहली TBM की खुदाई शुरू होने और 9 मीटर पूरा होने के साथ अब इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ने जमीन के नीचे अपनी रफ्तार पकड़ ली है।
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