कप्तान जब भी डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) की मांग करते हैं तो सबसे पहले वह अपने गेंदबाज से पूछते हैं क्या क्या गेंद विकेटों पर लग रही है या फिर बाहरी निकारा लगा है या फिर नहीं। हालांकि, टीम इंडिया में मौजूद एक गेंदबाज ऐसा भी है, जिससे कप्तान आगे से डीआरएस लेने से पहले शायद कभी नहीं पूछेंगे।

दरअसल, जब भी इस गेंदबाज के कहने पर कप्तान ने रिव्यू लिया है तो वह असफल ही रहा है और ऐसा पहली बार नहीं, बल्कि काफी वर्षो से हो रहा है। इसी को मद्देनजर रखते हुए कप्तान शुभमन गिल गेंदबाज के कहने पर शायद रिव्यू न लें या फिर लेने से पहले हजार बार सोचे।

गलत साबित हुआ गेंदबाज

भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही दो टेस्ट मैच की सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अपनी बॉलिंग के दौरान पगबाधा (LBW) की जोरदार अपील की। उस समय श्रीलंका के केशरा नुवांता बल्लेबाजी कर रहे थे और गेंद उनके पैड पर जाकर लगी थी।

जडेजा निश्चित थे कि गेंद विकेटों पर जाकर लग रही है, लेकिन मैदानी अपंयार ने नॉट आउट कहा। इसके बाद जडेजा ने कप्तान शुभमन गिल को रिव्यू के लिए मनाया, लेकिन जब तीसरे अंपायर ने रिप्ले देखा तो गेंद पैड पर लगने से पहले बल्ले पर लग चुकी थी और मैदानी अंपायर का फैसला कायम रहा और डीआरएस बेकार हो गया।

जडेजा के कहने पर लिए 22 रिव्यू

इस रिव्यू में अधिकांश गलती रवींद्र जडेजा की थी, क्योंकि गेंदबाज को सबसे पहले मालूम होता है कि गेंद सीधे पैड पर लगी है या फिर पहले बल्ले पर। मगर जडेजा ने इनको अनदेखा कर कप्तान शुभमन से रिव्यू लेने को कहा और वह बेकार चला गया। यह कोई नया मामला नहीं है, क्योंकि इससे पहले रवींद्र जडेजा के कहने पर कप्तानों ने 22 रिव्यू लिए हैं, लेकिन एक भी फैसला ऑन फील्ड अंपायर का बदला नहीं गया।

इसमें श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट का ताजा मामला भी शामिल है। हालांकि, चार बार ऐसा भी हुआ है कि जडेजा ने रिव्यू लेने की मांग की, लेकिन अंपायर कॉल की वजह से वह बेकार नहीं गया। बता दें कि, अंपायर कॉल में ऑन फील्ड अंपायर का फैसला कायम रहता है, लेकिन रिव्यू खराब नहीं होता है।

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इसको हर बार लगता है आउट– रोहित शर्मा

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को कई बार यह कह चुके हैं कि उस हर बार लगता है कि बल्लेबाज आउट है। हालांकि, उन्होंने यह बात सिर्फ मजाक के तौर पर कही थी।

आपको बताते हैं कि भले ही रवींद्र जडेजा के पक्ष में डीआरएस के अधिक फैसले नहीं जाते हैं, लेकिन अपनी गेंदबाजी से उन्होंनेे भारतीय टीम को कई अहम मैचों में जीत दिलाई है और मुश्किल परिस्थितियों में आकर विकेट निकालकर दिए हैं। उनकी इसी काबिलियत को देखते हुए चयन समिति उनको मौका देती है।

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