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How To Make Fluffy Poori At Home: इन आसान तरीकों से बनाएं पूरी तरह फूली और स्वादिष्ट पूड़ियां
गरमा-गरम फूली हुई पूड़ियां किसी भी खाने का स्वाद दोगुना कर देती हैं। चाहे आलू की सब्जी हो, छोले हों या फिर हलवा-खीर, हर चीज के साथ पूड़ी का मजा अलग ही होता है। लेकिन कई बार पूरी तैयारी करने के बाद भी पूड़ियां कढ़ाही में डालते ही फूलने के बजाय चपटी रह जाती हैं। कुछ पूड़ियां आधी फूलती हैं तो कुछ ज्यादा तेल पी लेती हैं।
गरमा-गरम फूली हुई पूड़ियां किसी भी खाने का स्वाद दोगुना कर देती हैं। चाहे आलू की सब्जी हो, छोले हों या फिर हलवा-खीर, हर चीज के साथ पूड़ी का मजा अलग ही होता है। लेकिन कई बार पूरी तैयारी करने के बाद भी पूड़ियां कढ़ाही में डालते ही फूलने के बजाय चपटी रह जाती हैं। कुछ पूड़ियां आधी फूलती हैं तो कुछ ज्यादा तेल पी लेती हैं।
अक्सर लोग इसकी वजह आटे को मानते हैं, लेकिन पूड़ी के सही आकार और उसके फूलने में बेलने का तरीका भी बहुत अहम होता है। आटा गूंथने की सही तकनीक, पूड़ी की मोटाई और तेल का सही तापमान जैसी छोटी-छोटी बातें आपकी पूड़ियों को परफेक्ट बना सकती हैं। अगर आपकी पूड़ियां भी बार-बार खराब हो जाती हैं, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं।
पूड़ी को ज्यादा पतला बेलने की गलती न करें
कई लोग पूड़ी को कुरकुरी बनाने के चक्कर में उसे बहुत पतला बेल देते हैं। लेकिन ज्यादा पतली पूड़ी कढ़ाही में डालने पर अच्छी तरह फूल नहीं पाती। पूड़ी की सही मोटाई इतनी होनी चाहिए कि वह न रोटी की तरह पतली लगे और न ही ज्यादा मोटी हो। ध्यान रखें कि पूरी सतह पर मोटाई एक जैसी रहे। अगर बीच का हिस्सा पतला और किनारे मोटे रह गए तो तलते समय पूड़ी बराबर तरीके से नहीं फूल पाएगी।
बेलते समय हाथ का दबाव बराबर रखें
पूड़ी को गोल बनाने के लिए कई बार लोग बेलन से एक ही जगह ज्यादा दबाव डाल देते हैं। इससे पूड़ी देखने में गोल तो लगती है, लेकिन उसकी मोटाई अलग-अलग हो जाती है। पूड़ी बेलते समय हल्के हाथों का इस्तेमाल करें और बेलन को धीरे-धीरे बीच से बाहर की ओर चलाएं। साथ ही लोई को थोड़ा-थोड़ा घुमाते रहें। इससे पूड़ी का आकार भी अच्छा रहेगा और वह हर तरफ से समान मोटी बनेगी।
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ज्यादा सूखे आटे का इस्तेमाल न करें
रोटी बेलने के लिए सूखे आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन पूड़ी के मामले में ज्यादा सूखा आटा नुकसान कर सकता है। यह तलते समय तेल में गिरकर जल सकता है और तेल की गुणवत्ता भी खराब कर सकता है। अगर आटा सही तरीके से तैयार किया गया है तो पूड़ी बेलने के लिए ज्यादा सूखे आटे की जरूरत नहीं पड़ेगी। जरूरत हो तो बेलन या चकले पर हल्का सा तेल लगाकर भी पूड़ी आसानी से बेली जा सकती है।
पूड़ी के लिए आटा सही कड़ा होना चाहिए पूड़ी का फूलना सिर्फ बेलने पर निर्भर नहीं करता, बल्कि आटे की बनावट भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। पूड़ी के लिए आटा रोटी के मुकाबले थोड़ा सख्त गूंथना चाहिए। बहुत ज्यादा नरम आटा होने पर पूड़ियां बेलते समय फैल सकती हैं और तेल में डालने के बाद सही तरीके से फूल नहीं पातीं। पानी धीरे-धीरे डालकर आटा गूंथें ताकि उसकी नमी सही बनी रहे। आटा तैयार होने के बाद उसे कुछ समय के लिए ढककर रख दें, इससे वह अच्छी तरह सेट हो जाएगा।
बेली हुई पूड़ियों को ज्यादा देर खुला न रखें
कई लोग पहले सारी पूड़ियां बेल लेते हैं और फिर तलना शुरू करते हैं। ऐसा करने से पूड़ियां सूख सकती हैं और उनका फूलना प्रभावित हो सकता है। अगर आप ज्यादा मात्रा में पूड़ियां बना रहे हैं तो बेली हुई पूड़ियों को साफ कपड़े से ढककर रखें। सबसे अच्छा तरीका यही है कि थोड़ी-थोड़ी पूड़ियां बेलें और तुरंत तलते जाएं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप घर पर हलवाई जैसी फूली हुई, नरम और कम तेल सोखने वाली पूड़ियां आसानी से बना सकते हैं।
Written by Rozi Sinha
Super Admin
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।