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क्या बेवफाई सिर्फ एक पल की गलती होती है या सोच-समझकर लिया गया फैसला? जानिए क्या कहती हैं रिसर्च

रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेवफाई को केवल "एक गलती" कहकर समझाना सही तस्वीर पेश नहीं करता। इसके पीछे कई मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और परिस्थितिजन्य कारण हो सकते हैं। हालांकि, आखिरकार किसी भी रिश्ते में ईमानदारी और वफादारी बनाए रखना व्यक्ति के अपने निर्णय, आत्म-नियंत्रण और रिश्ते के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है।

क्या बेवफाई सिर्फ एक पल की गलती होती है या सोच-समझकर लिया गया फैसला? जानिए क्या कहती हैं रिसर्च
Relationship Cheating

"कमजोर पल" या "हालात का असर" बताकर समझाने की कोशिश करता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या बेवफाई वास्तव में अचानक हो जाने वाली घटना है या फिर यह व्यक्ति के फैसलों और व्यवहार का परिणाम होती है? रिलेशनशिप साइकोलॉजी में इस विषय पर लंबे समय से अध्ययन किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी रिश्ते में चीटिंग का कारण केवल असंतुष्टि नहीं होता। कई बार ऐसे लोग भी अपने साथी के प्रति बेवफाई कर बैठते हैं, जो अपने रिश्ते से सामान्य रूप से खुश होते हैं। ऐसे मामलों में अवसर, भावनात्मक आकर्षण, आवेग में लिया गया निर्णय और व्यक्तिगत सोच जैसी कई बातें भूमिका निभा सकती हैं।

रिश्ते में बेवफाई का मतलब क्या है?

धोखा केवल शारीरिक संबंध बनाने तक सीमित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपने पार्टनर से छिपाकर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ भावनात्मक, रोमांटिक या यौन संबंध विकसित करता है, तो उसे भी बेवफाई माना जा सकता है। विशेषज्ञ आमतौर पर इसे चार प्रमुख रूपों में बांटते हैं—सेक्सुअल इन्फिडेलिटी, इमोशनल इन्फिडेलिटी, दोनों का मिश्रण और इंटरनेट इन्फिडेलिटी। आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के जरिए बनने वाले गुप्त भावनात्मक या रोमांटिक रिश्तों को भी रिश्ते की तय सीमाओं का उल्लंघन माना जा सकता है।

क्या चीटिंग अचानक हो जाती है?

बेवफाई के बाद अक्सर लोग कहते हैं कि "सब अचानक हो गया" या "उस समय सही-गलत समझ नहीं आया।" मनोविज्ञान में इसे इंपल्सिव बिहेवियर यानी बिना ज्यादा सोचे तुरंत निर्णय लेने की प्रवृत्ति से जोड़ा जाता है। ऐसे लोग कई बार परिणामों पर विचार किए बिना फैसले ले लेते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि आवेग में लिया गया फैसला व्यक्ति की जिम्मेदारी खत्म नहीं कर देता। वर्ष 2016 में प्रकाशित एक अध्ययन में सेक्सुअल इंपल्सिविटी और बेवफाई के बीच संबंध की ओर संकेत किया गया था। इसके बावजूद किसी व्यक्ति का व्यवहार केवल आवेग से तय नहीं होता। उसकी पर्सनैलिटी, आत्म-नियंत्रण, नैतिक मूल्य और रिश्ते को लेकर उसकी प्रतिबद्धता भी अहम भूमिका निभाते हैं।

क्या हर व्यक्ति को बाद में पछतावा होता है?

सामान्य धारणा यह है कि अफेयर के बाद हर व्यक्ति गहरे अपराधबोध का अनुभव करता होगा। लेकिन वैज्ञानिक अध्ययनों में तस्वीर इतनी सीधी नहीं दिखती। साल 2023 में प्रकाशित एक रिसर्च में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रखने वाले विवाहित लोगों के अनुभवों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में कई प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें अपने अफेयर से भावनात्मक और यौन संतुष्टि मिली। वहीं, कुछ लोगों ने अपेक्षाकृत कम पछतावा महसूस किया और उनका मानना था कि उनके अफेयर से उनकी शादी पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा।

आखिर लोग अपने पार्टनर को धोखा क्यों देते हैं?

इसका कोई एक निश्चित कारण नहीं है। हर व्यक्ति की परिस्थितियां और मानसिक स्थिति अलग हो सकती हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, कई मामलों में व्यक्ति अपने रिश्ते से पूरी तरह असंतुष्ट नहीं होता, फिर भी अवसर मिलने पर वह दूसरे व्यक्ति के करीब आ सकता है। कुछ शोध बताते हैं कि कई लोग पहले से बेवफाई की योजना नहीं बनाते। लेकिन जब उन्हें मौका मिलता है, तब शराब का असर, मानसिक थकान, कमजोर आत्म-नियंत्रण या उस समय की भावनात्मक स्थिति उन्हें गलत फैसला लेने की ओर धकेल सकती है। कुछ अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि कुछ पुरुष यौन जरूरतें पूरी न होने को कारण मानते हैं, जबकि कुछ महिलाओं में भावनात्मक जुड़ाव की कमी महत्वपूर्ण वजह हो सकती है। हालांकि, यह पैटर्न हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होता।

क्या ताकत और बेवफाई का भी कोई संबंध है?

साल 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन में रिश्तों के भीतर पावर और इन्फिडेलिटी के बीच संभावित संबंध की जांच की गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, जो लोग रिश्ते में खुद को अधिक प्रभावशाली या शक्तिशाली महसूस करते हैं, उन्हें कई बार यह भरोसा होता है कि उनके पास दूसरे संभावित पार्टनर भी उपलब्ध हैं। ऐसी सोच कुछ मामलों में मौजूदा रिश्ते के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को कमजोर कर सकती है। साथ ही, यदि व्यक्ति खुद को दूसरों के लिए अधिक आकर्षक मानता है, तो उसके लिए नए रिश्तों की संभावना भी ज्यादा महसूस हो सकती है। हालांकि, इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि हर सफल, प्रभावशाली या ताकतवर व्यक्ति अपने साथी के साथ बेवफाई करेगा।

 

 

  Written By Toshi Shah  

 

Rajeev Singh

Super Admin

आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।

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