Delhi News: इटली से भारत तक का सफर, राजीव गांधी से प्रेम, भारतीय परिवार की परंपराएं और देश की संस्कृति को अपनाने का अनुभव... कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी अपनी आगामी किताब 'Belonging: A Journey of Love' में जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं को साझा करने जा रही हैं। किताब के जारी किए गए अंशों में उनके भारतीय खानपान से जुड़ी दिलचस्प यादें सामने आई हैं। इनमें राजीव गांधी के साथ पहली बार तंदूरी चिकन खाने से लेकर रोजाना अरहर की दाल खाने तक का जिक्र है।
राजीव गांधी के साथ पहली बार चखा था तंदूरी चिकन
प्रकाशक हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने शुक्रवार को सोनिया गांधी की किताब के कुछ अंश साझा किए। इसमें बताया गया है कि सोनिया गांधी ने भारतीय व्यंजनों में सबसे पहले जिन पकवानों का स्वाद चखा, उनमें तंदूरी चिकन शामिल था। उन्होंने यह डिश अपने दिवंगत पति राजीव गांधी के साथ खाई थी।
किताब में उस अनुभव का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि तंदूरी चिकन का रंग चमकदार लाल था, वह हल्का जला हुआ था और उसका तीखापन मुंह में आग जैसा एहसास करा रहा था। शुरुआत में भारतीय स्वाद उनके लिए नया था, लेकिन धीरे-धीरे भारतीय खानपान उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गया।
सोनिया गांधी के परिवार के भोजन में चावल, फुल्के, सब्जियां और मटन, मछली या चिकन जैसे व्यंजन शामिल होते थे। हालांकि, एक चीज ऐसी थी जो लगभग हर दिन उनकी थाली का हिस्सा बनी रही। वह थी अरहर की दाल।
साड़ी से भी जुड़ी हैं खास यादें
किताब में भारतीय खानपान के साथ-साथ साड़ी को लेकर सोनिया गांधी के अनुभवों का भी जिक्र है। सोनिया गांधी भारतीय साड़ी को दुनिया के सबसे खूबसूरत और आकर्षक परिधानों में से एक मानती थीं, लेकिन खुद इसे पहनना उनके लिए एक अलग अनुभव था।
किताब के अंश के मुताबिक, उनकी सगाई के समय की पोशाक जेड ग्रीन और हल्के पीले रंग की थी। इसे संभालने के लिए कई सेफ्टी पिन लगाई गई थीं। वहीं, उनकी शादी की साड़ी का संबंध भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से भी था। इस साड़ी का धागा पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जेल में रहते हुए काता था।
10 नवंबर को रिलीज होगी किताब
सोनिया गांधी की किताब 'Belonging: A Journey of Love' 10 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। इसमें उनके बचपन से लेकर राजीव गांधी से मुलाकात, प्रेम और शादी के साथ भारत में उनके जीवन के सफर को समेटा गया है।
इटली में जन्मीं सोनिया गांधी की मुलाकात साल 1965 में इंग्लैंड के कैंब्रिज में राजीव गांधी से हुई थी। उस समय वह 19 साल की थीं। दोनों ने 25 फरवरी 1968 को शादी की थी। किताब में उनकी जिंदगी के मुश्किल दौर का भी जिक्र है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्याओं से जुड़ा गहरा व्यक्तिगत दुख शामिल है।
राहुल गांधी ने जताई खुशी और गर्व
सोनिया गांधी की किताब को लेकर उनके बेटे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी भावुक प्रतिक्रिया दी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने अपनी मां के इस फैसले पर खुशी और गर्व जताया।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनकी मां की कहानी उन लाखों लोगों तक पहुंचेगी, जो उनसे प्यार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक निजी स्वभाव वाली शख्सियत के लिए अपनी जिंदगी की कहानी दुनिया के सामने रखना आसान नहीं रहा होगा।
सोनिया गांधी की यह किताब राजनीतिक जीवन से आगे बढ़कर उनके व्यक्तिगत अनुभवों, पारिवारिक रिश्तों, प्रेम, विरह और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव की कहानी पेश करने वाली है। राजीव गांधी के साथ तंदूरी चिकन का पहला स्वाद और हर दिन की अरहर की दाल जैसी छोटी-छोटी यादें इस किताब को खास बनाती हैं।
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