नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महिला पत्रकारों के कैमरे कथित तौर पर छीने गए और कुछ पत्रकारों को खींचा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक पत्रकार की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाना बाकी है।
साकेत थाने का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने कुछ सप्ताह पहले सामने आए शाहीन और नफीसा के मामले का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, दोनों महिलाओं ने साकेत पुलिस स्टेशन के अंदर कथित हिंसा और बदसलूकी की बात कही थी। राहुल गांधी ने इस मामले में साकेत पुलिस स्टेशन की पूरी CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
इस बीच दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को SIR के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों और स्टाफ पर कथित बदसलूकी के आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। पुलिस ने बताया कि शिकायतें दर्ज की गईं, मेडिकल जांच कराई गई और मामले को क्राइम ब्रांच को भेजा गया। पुलिस ने यह भी कहा कि संबंधित वीडियो फुटेज रखने वाले लोग उसे जांच एजेंसी को उपलब्ध करा सकते हैं।
अमित शाह से राहुल गांधी का सवाल
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाया और पूछा कि “आप और आपकी पुलिस महिलाओं से इतना डरते क्यों हैं?” उन्होंने शाहीन, नफीसा और कथित तौर पर दिल्ली पुलिस की बदसलूकी का सामना करने वाले अन्य लोगों के लिए न्याय की मांग की।
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