PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 साल पूरे होने के मौके पर देश के भविष्य को लेकर अपना विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सामूहिक क्षमता रखता है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों के आत्मविश्वास और सामूहिक प्रयास को आगे बढ़ाने का संदेश देते हुए बार-बार कहा कि हम करके रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने भारत के सामने आने वाले वर्षों के कई बड़े लक्ष्य गिनाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत, दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भर भारत, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब और ओलंपिक की मेजबानी जैसे लक्ष्य देश हासिल करेगा।

बता दें इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि विकसित भारत 2047- हम करके रहेंगे। टॉप-3 इकोनॉमी- हम करके रहेंगे। आत्मनिर्भर भारत- हम करके रहेंगे। ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब- हम करके रहेंगे। ओलंपिक की मेजबानी- हम करके रहेंगे। अंतरिक्ष में कदम- हम करके रहेंगे।

'जिस देश के लोगों की रगों में ऐसा आत्मविश्वास हो, उसे कोई रोक नहीं सकता'
प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से दिए अपने संदेश में कही गई 'सबका प्रयास' की भावना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश किसी लक्ष्य को लेकर एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो उसकी प्रगति को रोकना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए जिस उत्साह और जुनून की जरूरत है, वह एक ही संदेश देता है, 'हम करके रहेंगे।' प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस देश के लोगों की रगों में ऐसा आत्मविश्वास दौड़ रहा हो, उसे कोई ताकत रोक नहीं सकती।

25 साल पूरे होने को निजी उपलब्धि नहीं मानते मोदी
सरकार के मुखिया के रूप में अपने लगातार 25 साल के सफर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग इसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं, लेकिन वह इसे व्यक्तिगत गौरव का विषय नहीं मानते। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए खुद की तारीफ करने का अवसर नहीं है। उनके मुताबिक, इस पूरे सफर में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ज्यादा देशसेवा और एक मिशन के प्रति समर्पण महत्वपूर्ण रहा।

50 साल की उम्र में प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली
अपने शुरुआती सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि करीब 25 साल पहले जब वह 50 वर्ष के थे, तब तक उन्होंने दूरदराज के इलाकों और आदिवासी समुदायों के बीच रहकर काम किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियों का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि उस समय तक उनका राजनीतिक परिचय मुख्य रूप से एक संगठन कार्यकर्ता के रूप में था। वह चुनावों में काम जरूर करते थे, लेकिन उन्होंने खुद कभी चुनाव नहीं लड़ा था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर उनका लक्ष्य चुनावी राजनीति में चमकना होता तो वह काफी पहले चुनावी मैदान में उतर सकते थे, लेकिन उनकी सोच ऐसी नहीं थी। बचपन से मिले संस्कारों ने उन्हें सिखाया कि जीवन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि किसी उद्देश्य के लिए जीना चाहिए।

कैप्टन मच्छार का जिक्र
प्रधानमंत्री ने हाल में चर्चा में रहे भारतीय पायलट कैप्टन मच्छार के साहस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारतीय पायलट की चर्चा कर रही है और आने वाला समय ऐसा होगा जब पूरी दुनिया 'Made-in-India' विमान की भी चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्ष्य केवल सपने देखने से पूरे नहीं होंगे। इसके लिए दूरदर्शी नीतियों के साथ-साथ कड़ी मेहनत और पूरी प्रतिबद्धता की जरूरत होगी।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि यह आराम करने का समय नहीं है, बल्कि पूरे जोश के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र के लिए खुद को समर्पित करने का समय है।

भारत के भविष्य के लिए रखी बड़ी तस्वीर
प्रधानमंत्री के संदेश में 25 साल के शासन के अनुभव के साथ अगले दो दशकों के भारत की तस्वीर भी दिखाई दी। 2047 तक विकसित भारत, आत्मनिर्भरता, वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग, दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में स्थान और अंतरिक्ष से लेकर खेल के वैश्विक मंच तक भारत की मौजूदगी इन सभी लक्ष्यों को उन्होंने सामूहिक संकल्प से जोड़ते हुए 'हम करके रहेंगे' का मंत्र दिया।