स्वास्थ्य
शराब नहीं पीते फिर भी हो सकता है फैटी लिवर, जानिए किन आदतों से बढ़ रहा है खतरा और कैसे करें बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लिवर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है और इसमें खुद को काफी हद तक ठीक करने की क्षमता होती है। यदि समय रहते खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव किए जाएं, तो फैटी लिवर जैसी समस्या के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जब भी लिवर से जुड़ी किसी बीमारी का जिक्र होता है, तो अधिकतर लोगों के मन में सबसे पहले शराब का ख्याल आता है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी फैटी लिवर की समस्या का सामना कर रहे हैं, जिन्होंने कभी शराब का सेवन नहीं किया। इसकी सबसे बड़ी वजह आधुनिक जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी मानी जा रही है।
क्या होता है फैटी लिवर?
फैटी लिवर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से अधिक वसा (फैट) जमा होने लगती है। शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए कई लोगों को इस बीमारी का पता तब चलता है, जब यह काफी आगे बढ़ चुकी होती है। समय पर पहचान और सही देखभाल न होने पर यह गंभीर रूप ले सकती है।
खान-पान की गलत आदतें बढ़ा रही हैं जोखिम
आजकल फास्ट फूड, तले-भुने व्यंजन और बाहर का खाना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। इन खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में वसा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी होती है, जो लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकती है। विशेषज्ञ संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हैं, जिसमें हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें और घर का बना पौष्टिक भोजन शामिल हो।
मीठे पेय भी बन सकते हैं परेशानी की वजह
कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और अधिक चीनी वाले पैक्ड जूस का लगातार सेवन भी लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शरीर में अतिरिक्त शुगर फैट के रूप में जमा होने लगती है, जिससे फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी भी है बड़ा कारण
लंबे समय तक बैठे रहकर काम करना और नियमित व्यायाम न करना शरीर में अतिरिक्त चर्बी बढ़ाने का कारण बन सकता है। यही अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे लिवर पर भी असर डालता है। रोजाना पैदल चलना, हल्की एक्सरसाइज या कोई भी शारीरिक गतिविधि अपनाने से लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
नींद और तनाव को न करें नजरअंदाज
पर्याप्त नींद न लेना और लगातार मानसिक तनाव में रहना भी शरीर के कई अंगों की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। इसका असर लिवर पर भी पड़ सकता है। इसलिए रोज पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखने के लिए स्वस्थ दिनचर्या अपनाना जरूरी है।
बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने से बचें
कई लोग छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं में खुद ही दवाएं या सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। दवाओं का गलत या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल लिवर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना सुरक्षित विकल्प है।
लिवर को स्वस्थ रखने के आसान उपाय
- संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
- फास्ट फूड और अधिक मीठी चीजों का सेवन कम करें।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करें।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश करें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का सेवन न करें।
- समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें, खासकर यदि वजन अधिक है या मधुमेह जैसी समस्या है।
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