Bihar Teacher Dress Code 2026: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के लिए शिक्षा विभाग ने ड्रेस कोड को लेकर नया निर्देश जारी किया है। अब स्कूलों में शिक्षक और अन्य कर्मचारी जींस-टीशर्ट जैसे कैजुअल कपड़े पहनकर ड्यूटी पर नहीं आ सकेंगे। विभाग ने सभी कर्मचारियों के लिए फॉर्मल कपड़े पहनना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश को पूरे राज्य में सख्ती से लागू करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को सौंपी गई है।
ड्यूटी के दौरान फॉर्मल ड्रेस पहनना अनिवार्य
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में ड्यूटी के दौरान शिक्षकों और नॉन टीचिंग स्टाफ को निर्धारित फॉर्मल ड्रेस कोड का पालन करना होगा। स्कूल परिसर में जींस और टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़े पहनने की अनुमति नहीं होगी। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस नियम का पालन सुनिश्चित कराएं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। दरअसल, शुक्रवार को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सीके अनिल ने शिक्षा विभाग का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को यह आदेश जारी किया।
स्कूलों में DJ और डिस्को एक्टिविटी पर भी रोक
शिक्षा विभाग ने केवल ड्रेस कोड ही नहीं, बल्कि स्कूलों के अनुशासन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। नए निर्देश के तहत स्कूल परिसर में डीजे, डिस्को डांस और ऐसी अन्य गतिविधियों के आयोजन पर रोक लगाई गई है, जो शैक्षणिक माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि, स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान संगीत और वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल पर रोक नहीं होगी। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार आयोजित होने वाले कार्यक्रम अनुशासन और निगरानी के तहत किए जा सकेंगे।
DEO और स्कूल अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
इस आदेश को जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रशासन को दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षक और कर्मचारी ड्रेस कोड के साथ-साथ विभाग के अन्य निर्देशों का भी पालन करें। स्कूलों में अनुशासन और पढ़ाई के अनुकूल माहौल बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
पहले भी जारी हो चुके हैं ऐसे आदेश
बिहार सरकार इससे पहले भी स्कूलों में ड्रेस कोड और अनुशासन को लेकर निर्देश जारी कर चुकी है। अक्टूबर 2024 में भी शिक्षकों और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड तय किया गया था। इसके अलावा स्कूल परिसरों में डिस्को डांस और अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश भी दिए गए थे। साल 2025 और 2026 की शुरुआत में भी इसी तरह के निर्देश सामने आए। हालांकि, बार-बार आदेश जारी होने के बावजूद इनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग का यह नया फरमान सरकारी स्कूलों में अनुशासन लागू करने में कितना कारगर साबित होता है।
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