PoK Local Elections: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा और चुनावी धांधली के आरोपों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। रावलकोट और कोटली समेत कई इलाकों से गोलीबारी, प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, विभिन्न पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

रावलकोट में फायरिंग और हताहतों के दावे
स्थानीय सोशल मीडिया पोस्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से दावा किया गया है कि रावलकोट में 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। कुछ लोगों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोगों के घायल होने और मौत होने की बात कही जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया गया कि अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ने से एंबुलेंस और चिकित्सा संसाधनों पर दबाव पड़ गया। हालांकि, हताहतों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।

चुनाव में धांधली के आरोप
मीरपुर डिवीजन की विधानसभा सीटों पर मतदान के दौरान चुनावी अनियमितताओं के आरोप भी लगे हैं। कोटली जिले के निक्याल में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के एक कार्यकर्ता की गोली लगने से मौत की खबर सामने आई है। PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोधी दल के समर्थकों पर हिंसा और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने चुनाव का बहिष्कार किया है।

विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
PoJK में पिछले कई सप्ताह से नागरिक अधिकारों, महंगाई, बिजली-पानी की समस्या और कथित प्रशासनिक दमन को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी 600 से अधिक गिरफ्तार नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं की रिहाई, JAAC पर लगे प्रतिबंध को हटाने और विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
इन घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से कई दावे किए गए हैं, लेकिन सभी आरोपों और हताहतों की संख्या की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में घटनाक्रम को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आने का इंतजार है। 

 

Written By Shailesh Yadav