US Strike in Caribbean Sea: कैरेबियन सागर में रविवार को एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, बता दें कि जहां पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई में चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जिस नाव को निशाना बनाया गया, वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक नेटवर्क का हिस्सा थी। इस कार्रवाई के साथ ही ट्रंप प्रशासन की ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रही सैन्य मुहिम और तेज होती नजर आ रही है।

वहीं अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सेना ने कैरेबियन में नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले समुद्री रास्ते पर चल रही एक तेज रफ्तार नाव को निशाना बनाया। कमान के मुताबिक, कार्रवाई के पीछे ऐसी खुफिया जानकारी थी, जिससे नाव के अवैध ड्रग गतिविधियों में शामिल होने की पुष्टि हुई थी। अमेरिकी सेना ने मारे गए लोगों को 'नार्को-टेररिस्ट' बताया है। हालांकि, अधिकारियों ने यह साफ नहीं किया कि उनके पास मौजूद खुफिया जानकारी में ऐसा क्या था, जिसके आधार पर नाव और उसमें सवार लोगों को ड्रग तस्करी से जोड़ा गया।

70 अभियानों में 235 से ज्यादा मौतें
रविवार की कार्रवाई कोई अकेली घटना नहीं है। सितंबर 2025 से अमेरिकी सेना पूर्वी प्रशांत महासागर और कैरेबियन क्षेत्र में ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार समुद्री अभियान चला रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 70 अलग-अलग अभियानों में कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है। इन अभियानों को अमेरिकी प्रशासन क्षेत्र में सक्रिय ड्रग नेटवर्क और कथित 'नार्को-टेररिस्ट' समूहों के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर पेश कर रहा है।

जमीन पर भी बढ़ाया जा रहा दबाव
समुद्र के अलावा अमेरिका अब जमीन पर भी लैटिन अमेरिकी देशों के साथ मिलकर ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रहा है। अगस्त में पनामा की यात्रा के दौरान अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि कोलंबिया, ग्वाटेमाला और होंडुरास ने अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभियान की अनुमति दी है। हालांकि, बाद में ग्वाटेमाला ने इस दावे पर आपत्ति जताई। वहीं, मार्च से इक्वाडोर और अमेरिका की सेनाएं भी संयुक्त अभियान चला रही हैं।

ट्रंप का दावा- अमेरिका 'सशस्त्र संघर्ष' में
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इन कार्रवाइयों का बचाव करते रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका क्षेत्र के ड्रग कार्टेल के साथ 'सशस्त्र संघर्ष' की स्थिति में है। वहीं ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ड्रग तस्करी को रोकना जरूरी है, क्योंकि इससे अमेरिका में नशीले पदार्थों की पहुंच और ओवरडोज से होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।

हालांकि, इन सैन्य कार्रवाइयों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक सार्वजनिक तौर पर ऐसी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है, जिससे हर मामले में निशाना बनाए गए लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हो सके। कैरेबियन में हुई रविवार की कार्रवाई इसी बड़े अभियान की अगली कड़ी है,जहां अमेरिका ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई को अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सैन्य कार्रवाई का विषय बना चुका है। 

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