Saudi Arabia: हूती विद्रोही सऊदी अरब को लगातार अपना निशाना बना रहे है। मिडिल ईस्ट में स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। बीती रात हूती विद्रोहियों ने सऊदी के रियाद एयरपोर्ट पर विनाशकारी हमला किया, जिसमे 12 लोगों के मारे जाने की खबर है।

वहीं 300 से अधिक लोग घायल हो चुके है। गौरतलब है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी के शहरों, हवाई अड्डों और तेल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई गलत फैसलों के कारण सऊदी अरब की मुश्किलें बढ़ी हैं। हालांकि मक्का पैक्ट के तहत पाकिस्तान और तुर्की ने अपनी सेनाओं को सऊदी भेज दिया है। इसके बाद भी हमले रूकने का नाम नहीं ले रहे है।

हमले के बाद मची चीख पुकार

बीती रात हूती विद्रोहियों की तरफ से सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर भीषण हमला किया गया। हमला इतना खतरनाक था कि चारों तरफ चीख पुकार मच गई। इस घटना को केवल एक एयर-स्ट्राइक के रूप में नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संघर्ष के एक खतरनाक और विध्वंसक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। हमले में 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोग घायल हो गए है।

लगातार हो रहे हमले ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए है कि क्या मिडिल ईस्ट में गंभीर संकट गहराने जा रहा है। बता दें कि सऊदी अरब में बड़ी संख्या में अन्य देशों के लोग भी रहते है। अगर हमले बढ़ते है तो सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।

युद्ध के बीच अमेरिका की होगी एंट्री!

माना जाता रहा है कि संकट के दौरान अमेरिका सऊदी की मदद करता आया है। जिसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या अब इस युद्ध में अमेरिका की एंट्री होनी जा रही है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका की तरफ से अभी तक सकारात्मक या मदद को लेकर किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है।

अगर सऊदी जल्द से जल्द कोई कार्रवाई नहीं करता है तो आने वाले दिनों में हूतियों की तरफ से कई हमले हो सकते है।

युद्धक्षेत्र बना मिडिल ईस्ट

एक तरफ अमेरिका और ईरान का युद्ध रूकने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों तरफ से युद्ध की चेतावनी दी जा रही है। दूसरी तरफ सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच लगातार संघर्ष जारी है, जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या मिडिल ईस्ट युद्धक्षेत्र बन गया है। और अगर ऐसा है तो कई इससे कई देशों की चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि मिडिल ईस्ट से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की सप्लाई की जाती है।