नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का खास न्योता दिया है। नेतन्याहू ने दोनों को समारोह में ‘Flame’ यानी मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। इजरायल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मशाल जलाने का समारोह एक महत्वपूर्ण सम्मान माना जाता है।
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को बताया ‘हीरो’
नेतन्याहू ने शनिवार को कैप्टन स्मित मच्छर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पायलट के साहस की तारीफ करते हुए उन्हें भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया। बातचीत में स्मित ने फ्लाईदुबई की उस उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई घटना के बारे में भी जानकारी दी।
कैप्टन स्मित के मुताबिक, फ्लाइट के दौरान उनके सह-पायलट ने पहले प्रार्थना करने की बात कही थी। वह सम्मान के कारण आगे की ओर देखते रहे। कुछ मिनट बाद उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी समस्या हुई है, लेकिन लगातार हमले के बाद उन्हें पता चला कि कॉकपिट में मौजूद सह-पायलट ही उन पर हमला कर रहा है।
हमले के बाद भी नहीं छोड़ी हिम्मत
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे दूसरे लोग अंदर पहुंच सके और विमान को संभालने में मदद मिली। फ्लाइट को बाद में सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
इस घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया था और उसमें 174 यात्री सवार थे। घटना के बाद कैप्टन स्मित को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।
‘यह हमारा सर्वोच्च सम्मान है’
नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से बातचीत के दौरान कहा कि वह चाहते हैं कि स्मित और प्रधानमंत्री मोदी इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में celebratory flame जलाएं। उन्होंने इसे इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर दिए जाने वाले सबसे बड़े सम्मानों में से एक बताया। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि नेतन्याहू अकेले इस सम्मान के अंतिम चयन का फैसला नहीं कर सकते। इजरायल में मशाल जलाने वालों के चयन के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया और समिति है।
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