नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से शुरू किए गए ‘Satyagraha’ डिजिटल प्लेटफॉर्म को लॉन्च होने के कुछ ही घंटों में बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं मिली हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, पोर्टल लाइव होने के करीब 9 घंटे के भीतर 10 हजार से ज्यादा लोगों और समूहों ने अपनी समस्याओं और संघर्षों से जुड़ी कहानियां साझा कीं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इतने कम समय में 10 हजार से अधिक लोगों का सामने आना बताता है कि देश में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग लंबे समय से अपनी बात रखते आए हैं, लेकिन उन्हें लगता रहा कि उनकी आवाज सुनी नहीं जा रही।
शिक्षा से लेकर महिला सुरक्षा तक मुद्दे
राहुल गांधी के मुताबिक, Satyagraha पोर्टल पर आने वाली कहानियों में शिक्षा, भ्रष्टाचार, सामाजिक न्याय, किसान, मजदूर, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, जमीन और पर्यावरण जैसे मुद्दे शामिल हैं। पोर्टल का उद्देश्य अलग-अलग जगहों पर चल रहे संघर्षों और आंदोलनों को एक मंच पर लाना बताया गया है।
उन्होंने कहा कि देशभर में लोग अपने अधिकारों और अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म इन आवाजों को एक साथ लाने और संबंधित मुद्दों को सामने लाने का माध्यम बनेगा।
कैसे काम करेगा Satyagraha पोर्टल?
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोग अपनी समस्या या आंदोलन से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं। पोर्टल पर देशभर के अलग-अलग आंदोलनों को एक इंटरैक्टिव मैप के जरिए देखने की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए समान मुद्दों से जुड़े लोगों और समूहों को एक-दूसरे से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी टीम पोर्टल पर आने वाली प्रत्येक submission को देखेगी। जहां किसी वास्तविक संघर्ष को आगे बढ़ाने या समाधान तक पहुंचाने में मदद की जरूरत होगी, वहां उनकी टीम सहायता करने की कोशिश करेगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से अतिरिक्त जानकारी भी ली जाएगी।
‘यह सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं’
राहुल गांधी ने साफ किया कि Satyagraha को केवल एक दिन या किसी तत्काल अभियान तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल लंबे समय तक जारी रहेगी और छोटे-बड़े सभी आंदोलनों के साथ खड़े होने की कोशिश करेगी। उन्होंने अपने संदेश में कहा, ‘यह तो सिर्फ शुरुआत है।’ राहुल गांधी ने लोगों से अपनी समस्याओं और संघर्षों की कहानी साझा करने की अपील करते हुए कहा कि जो लोग अब तक अपनी बात सामने नहीं रख पाए हैं, वे भी इस प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी आवाज दर्ज करा सकते हैं।
राहुल गांधी ने इस पहल को महात्मा गांधी के सत्याग्रह के विचार से जोड़ते हुए कहा कि सत्य सबसे बड़ा हथियार है और सच्चाई के साथ एकजुट होकर खड़ा होना उससे भी बड़ी ताकत है।
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