INS Vikrant: समुद्र में भारत की बढ़ती ताकत देख, चीन पाकिस्तान जैसे पड़ोसी मुल्क के होश उड़ने वाले है। दरअसल भारत के स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत से राफेल मरीन लड़ाकू विमान का सफलतापूर्वक लैंडिग किया गया।
जिसने पाक -चीन जैसे पड़ोसी मुल्क के होश उड़ा दिए है। हिंद महासागर में भारतीय नौसेना की बढ़ती मौजूदगी और स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant की क्षमताओं ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। युद्ध क्षेत्र के लिहाज से हिंद महासागर में भारत का दबदबा कायम है। नए विनाशकारी फाइटर जेट के उड़ते ही पाकिस्तान में खलबली मच गई है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
INS Vikrant भारत के लिए साबित होगा गेमचेंजर
INS Vikrant भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है। इसका निर्माण भारत में किया गया है और यह भारतीय नौसेना की तकनीकी तथा सैन्य क्षमता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बता दें कि इस विमान पर MiG-29K लड़ाकू विमानों का संचालन किया जाता है। ये विमान समुद्र से उड़ान भरने और विमानवाहक पोत पर वापस उतरने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं।
वहीं अब राफेल मरीन लड़ाकू विमान का ट्रायल भी शुरू हो गया है। बता दें कि 29 अक्टूबर 2026 को, एक राफेल मरीन विमान ने भारतीय नौसेना के स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर अपनी पहली ही कोशिश में सफलतापूर्वक लैंडिंग की। ये चल रहे परीक्षण भारतीय नौसेना में इस विमान को परिचालन में लाने की दिशा में पहला कदम हैं।
कराची के लिए खतरा बन सकता है आईएनएस विक्रांत
पाकिस्तान का कराची बंदरगाह देश के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री और आर्थिक केंद्रों में से एक है। यहां से बड़े पैमाने पर व्यापारिक गतिविधियां संचालित होती हैं। इसकी रणनीतिक अहमियत के कारण यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
INS Vikrant की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भारतीय नौसेना को समुद्र में एक चलायमान हवाई मंच उपलब्ध कराता है। इससे भारतीय नौसेना को तटीय हवाई अड्डों पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना समुद्री क्षेत्रों में हवाई मौजूदगी बनाए रखने की क्षमता मिलती है। यानि अगर कंगाल पाकिस्तान किसी तरह की हिमाकत करता है तो उसे आसमान,जमीन और समुद्र से करारा जवाब मिलेगा।
Rafale-M से और बढ़ेगी भारतीय नौसेना की ताकत
भारतीय नौसेना की हवाई क्षमता को भविष्य में और मजबूत करने के लिए भारत ने फ्रांस से 26 Rafale-M लड़ाकू विमान खरीदने का समझौता किया है।
Rafale-M विमान विशेष रूप से विमानवाहक पोत से संचालन के लिए तैयार किया गया है। इनके शामिल होने से भारतीय नौसेना की आधुनिक हवाई युद्ध क्षमता, समुद्री निगरानी और बहुउद्देशीय अभियानों की क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, भारत भविष्य में स्वदेशी ट्विन इंजन डेक-बेस्ड फाइटर (TEDBF) विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
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