India-Switzerland Ties: स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड का मानना है कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार जरूरी है। इसके अलावा दोनों देश के बीच डिफेंस, कृषि समेत कई सेक्टरों पर सहमति बन गई है।
एक तरफ अमेरिका भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ भारत यूरोप के देशों के साथ एफटीए करने में लगा हुआ है।
डील को लेकर पीएम मोदी ने दी अहम जानकारी
स्विस कॉन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट गाइ पार्मेलिन के साथ संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि "आज हमने मिलिट्री एक्सचेंज और डिफेंस प्रोडक्शन में सहयोग के नए मौकों की पहचान की। हम न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमत हुए। वाराणसी का रोपवे, नोएडा का जेवर एयरपोर्ट और पहाड़ों में रेलवे व टनलिंग प्रोजेक्ट्स हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग के बेहतरीन उदाहरण हैं।
#WATCH | Delhi: At the joint statement with President of the Swiss Confederation Guy Parmelin, PM Narendra Modi says, "Today, we identified new opportunities for military exchange and defence production cooperation. We also agreed to further deepen nuclear energy cooperation. Varanasi's ropeway, Noida's Jewar airport and railway & tunneling projects in mountains are bright examples of our infrastructure cooperation. We have signed an Agreement on transport, mobility and infrastructure to further strengthen this cooperation. We invite Switzerland's infrastructure companies to invest heavily in India and participate in capacity-building design & manufacturing." (Video: DD News)
— ANI (@ANI) October 5, 2026
इस सहयोग को और मजबूत करने के लिए हमने ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हम स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने और क्षमता-निर्माण, डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।"
डिफेंस और सुरक्षा सहयोग भी महत्वपूर्ण
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच रक्षा संबंध भी लगातार विकसित हुए हैं। स्विट्जरलैंड ने भारत में अपने Defence Attaché Office के जरिए सुरक्षा नीति, सैन्य और रक्षा मामलों में संपर्क और अनुभव साझा करने की व्यवस्था भी की है। इस डील से डिफेंस सेक्टर में एक अलग तरह की मजबूती देखने को मिलेगा। भारत अपने रक्षा सहयोग को लगातार विकसित कर रहा है।
निवेश के मोर्चे पर बड़ा सहयोग
स्विट्जरलैंड भारत में एक महत्वपूर्ण निवेशक भी है। स्विस सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2024 के अंत तक भारत में स्विस प्रत्यक्ष निवेश करीब CHF 10.2 अरब था और लगभग 350 स्विस कंपनियां भारत में संयुक्त उपक्रम, सहायक कंपनियों या शाखाओं के रूप में मौजूद थीं। पीएम मोदी ने साफ कहा है कि यह डील कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित हो सकता है।