Donald Trump: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से संसद यानी कांग्रेस का नियंत्रण निकलने की आशंका जताई जा रही है।

अगर डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया, तो डोनाल्ड ट्रंप के लिए अपने एजेंडे को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। हालांकि, ऐसी स्थिति में भी राष्ट्रपति की शक्तियां खत्म नहीं होंगी। ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर वह अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

हार के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप का चलेगा जादू

दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' की मिरांडा डिवाइन के साथ उनके पॉडकास्ट 'पॉड फोर्स वन' के लिए एक इंटरव्यू के दौरान कहीं। जब उनसे पूछा गया कि वह डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाली कांग्रेस से कैसे निपटेंगे, तो ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि मैं 'मिस्टर वीटो' बन जाऊंगा। मैं उन्हें इसे बर्बाद नहीं करने दूंगा।"

उन्होंने बताया कि वह डेमोक्रेट्स द्वारा भेजे गए बिलों को खारिज कर देंगे और अंततः उन्हें बातचीत की मेज पर लाने के लिए 'वीटो पावर' का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक-दो महीने तक लगातार वीटो होने के बाद, जब उन्हें समझ आ जाएगा कि वे सिर्फ अपना समय बर्बाद कर रहे हैं, तो वे खुद बातचीत के लिए आएंगे और फिर आप एक समझौता कर सकते हैं।"

मिडटर्म चुनाव क्यों हैं अहम?

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर मतदान होना है।

फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास प्रतिनिधि सभा में 218-214 और सीनेट में 53-47 की बढ़त है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स को दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के लिए चार-चार सीटों का शुद्ध फायदा चाहिए।

इन चुनावों का परिणाम ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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